इस बड़े एशिय़ाई देश के प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा, जानिए भारत के साथ कैसे थे रिश्ते

एशियाई देश जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कहा गया है कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे बीमार चल रहे थे और स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिंजो आबे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री के पद से हटने का फैसला किया है. खबर के अनुसार प्रधानमंत्री शिंजो आबे पुरानी बीमारी अल्सरेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं.

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जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने दिया इस्तीफा

जापान के प्रधानमंत्री ने पद से हटने का फैसला किया है. इसका कारण उनका खराब स्वास्थ्य़ बताया जा रहा है. प्रेस कांफ्रेस के दौरान आबे ने कहा कि मैं अपनी इस बीमारी के लिए एक नया ट्रीटमेंट करा रहा हूं, जिसमें नियमित जांच और देखरेख की जरुरत है. मैं अपने ट्रीटमेंट के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण रुप से नही कर पाऊंगा. बता दें कि शिंजो आबे तब तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे जब तक कि उनकी सत्तारुढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी किसी उत्तराधिकारी का चयन नही कर लेती.

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भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जापान वर्षों से भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है. हाल ही में चीन के साथ हुए सीमा विवाद के दौरान जापान ने भारत का साथ देते हुए चीन के व्यवहार को लेकर उसकी कड़ी आलोचना की थी. चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित कई देशों में अपनी सैन्य औऱ आर्थिक ताकत को बढ़ाना चाहता है इसको देखते हुए जापान के साथ भारत के रिश्ते को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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जापान की कई कंपनियां भारत में स्थापित

भारत और जापान के रिश्ते हमेशा से ही मजबूत रहे हैं. प्रधानमंत्री शिंजो आबे के आर्क ऑफ फ्रीडम सिद्धांत के अनुसार यह जापान के हित में है कि वह भारत के साथ संबंध अच्छे रखे. जापान की कई कंपनियां जैसे कि सोनी, टोयोटा और होंडा अपनी उत्पादन इकाइयां भारत में स्थापित कर भारत के आर्थिक विकास मे महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं.

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