सेना का बड़ा बयान: उत्तरी कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन फिर से स्थापित होने में लगा !

कश्मीर को लेकर सेना का बड़ा बयान सामने आया है. राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडर-10 ब्रिगेडियर एन के मिश्रा ने कहा है कि हिजबुल मुजाहद्दीन उत्तरी कश्मीर मे फिर से स्थापित होने में लगा हुआ है. उत्तरी कश्मीर के पुलिस उप महानीरिक्षक मोहम्मद सुलेमान चौधरी के साथ सवादाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उत्तरी कश्मीर में हिजबुल के आतंकवादी मारे गए हैं. हालिया वर्षों में केवल लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के आतंकी ही इस इलाके में थे. बता दें कि एक दिन पहले ही बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहीद्दीन आतंकवादी संगठन के तीन आतंकियों को मार गिराया था.

हिजबुल मुजाहीद्दीन
Photo- wp.com

सेना की चेतावनी हिजबुल उत्तरी कश्मीर में फिर पांव पसारने में लगा

खतरनाक आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहीद्दीन एक बार फिर उत्तरी कश्मीर मे अपने पांव पसारने मे लग गया है. एक दिन पहले ही उत्तरी कश्मीर के जिले बारामूला के यदिपोरा पट्टन में तीन आंतकवादी  मारे गए हैं. यह तीनों ही आतंकी इसी संगठन के हैं. लगभग 4 साल बाद उत्तरी कश्मीर में हिजबुल का कोई आतंकवादी मारा गया है.  ब्रिगेडियर एनके मिश्रा ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन् को संबोधित करते हुए यह बात कही.

यह भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर में 5 भाषाओं को मिलेगा राजभाषा का दर्जा, केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने दी मंजूरी

मिश्रा ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में आतंकी संगठन हिजबुल मुजहीद्दीन की गतिविधि बहुत कम है. ऐसा लगता है कि वह फिर से उत्तरी कश्मीर मे पांव पसारने की फिराक मे है. उन्होंने कहा कि अगर कोई मुख्यधारा में आना चाहता है तो हमेशा उनका स्वागत किया जाएगा लेकिन कोई आतंकी बनना चाहता है तो उसे कोई मौका नही मिलेगा.

Also Read-  Hizbul Mujahideen is trying to reestablish its base in North Kashmir: Army

शुक्रवार को हिजबुल के तीन आतंकी मारे गए थे

बता दें कि शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकवादियों को सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने मार गिराया था. उत्तरी कश्मीर पुलिस के डीआईजी मोहम्मद सुलेमान चौधरी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिलने पर पुलिस की एसओजी, सेना आर सीआरपीएफ की संयुक्त टीन ने गत शुक्रवार को सुबह 5 बजे क्षेत्र में यह अभियान चलाया. अपनी जान बचाने के लिए तीनों आतंकी एक मकान में घुस गए और उन्होंने 12 लोगों को बंधक बना लिया. इसके बाद सेना और पुलिस द्वारा चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. तीनों ही आतंकी स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं.