पाकिस्तान में एक नवजात हिंदू बच्चे का सिर काटकर माँ के गर्भ में छोड़ने की घटना को लेकर युवा हिन्दू संगठन ‘जय श्रीराम सेना’ ने पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान के सिंध में मानवता को शर्मशार करने वाली एक घटना का समाचार कुछ दिन पहले सुर्ख़ियों में था। जिसमें नृशंसता की सारी हदों को पार करते हुए एक अस्पताल में एक हिन्दू महिला के गर्भ में उसके बच्चे का सर काटकर रख दिया गया था। मानवता को लज्ज्ति और तार-तार करने वाली इस निंदनीय घटना का वीडियो वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में बहुत गुस्सा देखा गया है।

इसी नापाक कुकृत्य के विरोध में अब भारत में जमीनी स्तर पर हिन्दुओं की आवाजें उठने लगी हैं। विरोध की ऐसी एक आवाज उठाई है युवा हिन्दू संगठन ‘जय श्रीराम सेना’ ने। जय श्रीराम सेना ने लोगों से पाकिस्तानी दूतावास के बाहर आंदोलन करने के लिए आव्हान किया था। जय श्रीराम सेना के आंदोलन को देखकर उस क्षेत्र में भारी पुलिस बल लगा दिया गया था। लेकिन जय श्रीराम सेना के कार्यकर्ता भारी संख्या में वहां पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तानी दूतावास का घिराव करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने जय श्रीराम सेना के अध्यक्ष रामदूत सौरभ के साथ सभी कार्यकर्ताओं को 8 घंटे तक चाणक्यपूरी पुलिस स्टेशन में नजरबंद कर दिया। जय श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं ने चाणक्य पूरी पुलिस स्टेशन में ही एकसाथ मिलकर किया हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपनी मांगों पर अडिग रहे।

आंदोलनरत जय श्रीराम सेना के उग्र प्रदर्शन से मजबूर होकर शाम होते ही पाकिस्तानी दूतावास से दो लोगों को मिलने की अनुमती मिली। उसके बाद जय श्रीराम सेना के प्रतिनिधि मंडल में जय श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदूत सौरभ जैन और महासचिव रामदूत यश पाकिस्तानी दूतावास के उच्च अधिकारियों से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया तथा मुखरता से अपनी बात रखी।

जय श्रीराम सेना के इस ज्ञापन में रामदूत सौरभ ने दो बातें मुख्य रूप स्पष्ट की :

1 पाकिस्तान मे बढ़ते अल्पसंख्यकों पर हमले और जबरन धर्म परिवर्तन रुकना चाहिए क्योंकि इससे हमारे भारत में भी माहौल खराब होता है।

2 जिस महिला के साथ यह जघन्य अपराध हुआ उसे तत्काल भारी मात्रा मे मुआवजा, सुरक्षा और सरकारी नौकरी मिले। जो भी लोग इस अपराध में शामिल थे उन पर जल्द से जल्द कारवाई हो।

जय श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदूत सौरभ ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा कहता है कि वह भारत से अच्छे संबंध चाहता है, इसलिए आज उसके पास मौका है वह इन दोनों शर्तों को मानकर कार्यवाही करे इससे हमारे देश भारत में एक अच्छा संदेश जाएगाl

जानकरी अनुसार जय श्रीराम सेना के ज्ञापन पर पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों ने कहा, ” यह इंसानियत का मामला है आप इसे धर्म के नजरिए से मत देखें और उन्होंने आगे कहा कि हम इस पर जल्द ही काम करेंगे।”

बता दें, जय श्रीराम सेना हिन्दू युवाओं का एक बड़ा संगठन है जिसके लगभग 45 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता है। इस संगठन की सोशल मीडिया की पहुंच भी बहुत अधिक है। हिन्दू हितों पर यह संगठन मुखर होकर काम करता है। इस संगठन के कार्यकर्ता अनेक प्रकार की विधाओं से पारंगत हैं। इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि 8 घंटों तक पुलिस हिरासत में रहने के बाद भी जय श्रीराम सेना के अध्यक्ष और महासचिव पाकिस्तानी दूतावास में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आये।