बिना हिजाब के प्रतिस्पर्धा करने वाले ईरानी एथलीट ने बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच माफी मांगी

ईरान की एथलीट एल्नाज रेकाबी दक्षिण कोरिया में बिना हिजाब पहने ऊंचाई पर चढ़ने की प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद बुधवार को तेहरान लौट आयीं और माफ़ी मांगी है।

उनके इस कदम को इस्लामिक देश में हिजाब के खिलाफ हफ्तों से चल रहे प्रदर्शन के लिए समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

स्वदेश लौटने के बाद रेकाबी ने सावधानीपूर्वक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के कट्टरपंथी सरकारी टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में कहा कि हिजाब के बिना जाना उनका ‘‘अनजाने में उठाए कदम’’ का हिस्सा था। बहरहाल, बिना हिजाब पहने महिलाओं समेत सैकड़ों लोग इमाम खोमेनी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के बाहर एकत्रित हो गए तथा उन्होंने ‘‘एल्नाज द चैम्पियन’ के नारे लगाए।

अभी यह पता नहीं चला है कि रेकाबी हवाईअड्डे से कहां गयीं। हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन के समर्थकों और फारसी भाषी मीडिया ने रेकाबी के स्वदेश लौटने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है।

कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली एल्नाज रेकाबी ने ऐसे समय हिजाब नहीं पहना जब ईरान में 22 वर्षीय महसा अमीनी की नैतिकता पुलिस की हिरासत में मौत के बाद हफ्तों से हिजाब विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं।

ईरान में हिजाब के विरोध में भड़का प्रदर्शन 100 से अधिक शहरों में फैल चुका है जिसमें पुलिस के बल प्रयोग के बावजूद स्कूली बच्चे, तेलकर्मी और अन्य लोग भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ईरान में महिलाओं के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू है जिसका अब बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है और प्रदर्शनों में शामिल महिलाएं ड्रेस कोड से जुड़े कपड़ों को जला रही हैं तथा विरोध में अपने सिर के बाल भी काट रही हैं।

हवाई अड्डे पर पहुंचने पर रेकाबी ने काले रंग की हूडी से अपने बालों को ढंका हुआ था। एक व्यक्ति ने फूल देकर उनका स्वागत किया।

इससे पहले, रेकाबी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में भी कहा था कि उन्होंने ‘‘अनजाने में’’ हिजाब नहीं पहना।

उन्होंने कहा कि वह ऊंचाई पर चढ़ने की अपनी बारी आने से पहले केवल महिलाओं के लिए बने प्रतीक्षा क्षेत्र में बैठी थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि मैं अपने जूते और अपने सुरक्षा उपकरण बांधने में व्यस्त थी तो इससे मैं हिजाब पहनना भूल गयी।’’

रेकाबी ने कहा, ‘‘मैं शांत दिमाग के साथ ईरान वापस आयी हूं, लेकिन मुझे बहुत चिंता और तनाव था। ईश्वर की कृपा से अभी तक कुछ नहीं हुआ है।’’