भारतीय उच्चायोग ओटावा ने जारी किया बयान, कनाडा के अधिकारियों से डॉक्यूमेंट्री काली पर कार्रवाई करने का आग्रह किया

भारतीय उच्चायोग, ओटावा ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें कनाडा में हिंदू समुदाय के नेताओं से एक फिल्म के पोस्टर पर हिंदू देवताओं के अपमानजनक चित्रण के बारे में शिकायतें मिली हैं। फिल्म को टोरंटो के आगा खान संग्रहालय में “अंडर द टेंट” परियोजना के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया था।

उच्चायोग के आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमें कनाडा में हिंदू समुदाय के नेताओं से आगा खान संग्रहालय में ‘अंडर द टेंट’ परियोजना के हिस्से के रूप में प्रदर्शित एक फिल्म के पोस्टर पर हिंदू देवताओं के अपमानजनक चित्रण के बारे में शिकायतें मिली हैं। टोरंटो में हमारे महावाणिज्य दूतावास ने कार्यक्रम के आयोजकों को इन चिंताओं से अवगत कराया है। हमें यह भी सूचित किया गया है कि कई हिंदू समूहों ने कार्रवाई करने के लिए कनाडा में अधिकारियों से संपर्क किया है। हम कनाडा के अधिकारियों और कार्यक्रम के आयोजकों से इस तरह की उत्तेजक सामग्री को वापस लेने का आग्रह करते हैं।”

डॉक्यूमेंट्री के पोस्टर, जिसमें हिंदू देवी काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है, ने सोशल मीडिया पर सभी को नाराज कर दिया है। कई लोग चाहते हैं कि फिल्म निर्माता को हिरासत में लिया जाए।

विवाद का केंद्र बिंदु, डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली, सभी गलत कारणों से बेहद लोकप्रिय हो रही है। फिल्म का पोस्टर हिंदू देवी देवताओं का अपमान करती है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।

ट्विटर पर हैशटैग #ArrestLeenaManimekalai ट्रेंड करना शुरू कर दिया है क्योंकि यूजर्स इसके निर्माता लीना मणिमेकलई को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।