मशहूर शास्त्रीय गायक पं. जसराज का अमेरिका के न्यूजर्सी में निधन, शोक में डूबा देश !

सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक औऱ पद्म विभूषण पंडित जसराज का सोमवार को अमेरिका के न्यूजर्सी में ऩिधन हो गया है. वह 90 साल के थे और कोरोना वायरस के काऱण हुए लॉकडाउन के बाद से न्यूजर्सी में ही थे. उनकी बेटी दुर्गा जसराज ने एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि संगीत मार्तंड पंडित जसराज जी का अमेरिका के न्यूजर्सी में अपने आवास पर आज सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. बता दें कि शास्त्रीय गायक पंडित जसराज और उनके पिता पंडित मोतीराम भी मेवाती घराने के संगीतज्ञ थे.

पंडित जसराज

मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का निधन

जानेमाने शास्त्रीय गायक और मेवाती घराने के स्तंभ पंडित जसराज का आज सुबह अमेरिका  के न्यूजर्सी में निधन हो गया. उनके निधन की खबर उनकी बेटी दुर्गा जसराज ने एक बयान जारी कर बताई. पंडित जसराज को उनके जीवन काल में गायिकी के लिए कई सम्मानों औऱ पुरस्कारों से नवाजा गया था. उनके निधन की खबर पर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के अलावा देश की जानीमानी हस्तिय़ों ने दुख व्यक्त किया है.

पंडित जसराज ने जनवरी में अपना 90वां जन्मदिन मनाया था. इसके अलावा उन्होंने अपनी आखिरी प्रस्तुति 9 अप्रैल को हनुमान जयंती पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकटमोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी.

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने दी श्रद्धाजंलि

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जसराज को ट्वीट कर श्रद्धाजंलि दी है. राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा- संगीत विभूति व अद्वीतीय शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन से दुख हुआ. पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जी ने 8 दशकों की अपनी संगीत यात्रा में लोगों को भावपूर्ण प्रस्तुतियों से आनंद विभोर किया है. उनके परिवार, मित्रगण व संगीत-पारखी लोगों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं.

तो वहीं प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा-

पंडित जसराज जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक गहरा प्रभाव पड़ा है. न केवल उनक प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रुप में भी अपनी पहचान बनाई. दुनिया भर में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ओम शांति.

कई सम्मानों और पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं 

पंडित जसराज को उनके जीवनकाल मे पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, मारवाड़ संगीत रत्न पुरस्कार आदि सम्मानों से नवाजा जा चुका है. पंडित जसराज का जन्म   28 जनवरी 1930 को हिसार में हुआ था. उनके बड़े भाई पंडित प्रताप नारायण ने तबले के संगत के साथ उनका प्रशिक्षण शुरु किया. 80 साल के संगीतमय सफर मे पंडित जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत की शिक्षा दी.

उन्होंने कई अनूठी उपलब्धियां भी हासिल की. पंडित जसराज ने 82 साल की उम्र में अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव पर अपनी प्रस्तति दी थी. जिसके बाद वह सातों महाद्वीपों पर कार्यक्रम करने वाले पहले भारतीय बन गए. इसके अलावा अतंर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 2006 में खोजे गए हीन ग्रह 2006VP32 पंडित जसराज के सम्मान में ‘पंडितजसराज’ नाम दिया था.