1972 में मारे गए अपने सैन्य अधिकारी को नही लिया था पाकिस्तान, अब भारतीय सेना ने दिया खास सम्मान

शहीद सैनिक किसी भी देश का हो उसे मौत के बाद सम्मान पाने का हकदार माना जाता है. भारतीय सेना ने इसी विश्वास और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दुनिया को बड़ा संदेश दिया है. दरअसल भारतीय सेना ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में मौजूद एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी की कब्र की मरम्मत की है. श्रीनगर की चिनार कमान ने कब्र की तस्वीर को ट्वीटर पर साझा किया है. इसमे लिखा है- सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शबीर खान की याद में, जिनका इंतकाल 5 मई 1972 हिजरी संवत 1630 में 9 सिख की जवाबी कार्रवाई में हुआ.

पाकिस्तान सैनिक को सम्मान
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पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी का सम्मान

भारतीय सेना की चिनार कमान ने कहा कि भारतीय सेना की परंपराओं और प्रकृति को ध्यान में रखते हुए चिनार कोर ने पाकिस्तान सेना के सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शब्बीर खान की क्षतिग्रस्त कब्र को ठीक किया है जो 5 नवंबर, 1972 को नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक सैन्य कार्रवाई में मारे गए थे.

पाकिस्तानी सैनिक को सम्मान
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चिनार कार्प्स ने आगे लिखा- एक मृत सैनिक चाहे वह जिस देश का हो सम्मान का हकदार है. भारतीय सेना इस विश्वास का सम्मान करती है. दुनिया के लिए यह भारतीय सेना का संदेश है.’ बता दें कि भारत दुश्मन देशों के सैनिकों से अच्छे व्यवहार के लिए जाना जाता है. इसके अलावा भी जिनेवा कन्वेशन के अंतर्गत एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता हुआ है जिसके तहत युद्ध होने पर दुश्मन देश के पकड़े गए सैनिक और असैनिक कर्मचारियों के साथ बुरा बर्ताव नही किया जाएगा.

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इसमें कहा गया है कि जो लोग युद्ध में भाग नही लेंगे या जब वह हथियार डाल देंगे या पकड़ लिए जाएंगे या जब वह घायल हो जाएंगे, उनके साथ बगैर किसी भेद-भाव के अच्छा व्यवहार किया जाएगा. ऐसे लोगों के साथ किसी तरह की हिंसा नही की जाएगी. उन्हें प्रताड़ित नही किया जाएगा. उनके साथ क्रूर व्यवहार नही किया जाएगा.

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