यूपीआई से हो रही है अरबों की लेनदेन, जानिए ज़रूरी बातें नहीं तो हो सकता है आपका नुक़सान!

कोरोना के चलते भारत सरकार और आरबीआई डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। माना जा रहा है कि, साल 2021 तक देश में डिजिटल लेनदेन चार गुना तक बढ़ सकता है। डिजिटल लेनदेन के लिए भारत में लोग यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं।

UPI
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दो अरब से ज्यादा लेनदेन!

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कहना है कि अक्तूबर 2020 में यूपीआई के जरिए दो अरब से ज्यादा लेनदेन हुए हैं। यूपीआई के जरिए अक्तूबर 2019 में 1.14 अरब लेनदेन हुए थे। इसमें अब 80 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा पिछले महीने 2.07 अरब हो गया है। मूल्य की बात करें, तो लेनदेन का मूल्य 101 फीसदी बढ़कर 1,91,359.94 करोड़ रुपये से 3,86,106.74 करोड़ रुपये हो गया है।

आख़िर क्या है यूपीआई?

बता दें कि यूपीआई एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके माध्यम से स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है। यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के मकैनिज्म पर आधारित है।

क्या सुरक्षित है यूपीआई?

आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह डिजिटल लेनदेन ग्राहकों के लिए लाभदायक है लेकिन खतरा भी है। देश में तकनीक के बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। हैकर्स आम लोगों को नए-नए तरीक़ों से ठगने लगे हैं। सुरक्षित लेनदेन के लिए कुछ जरूरी बातें हैं, आइए जानते हैं:

  1. सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही करें यूपीआई पिन का इस्तेमाल वरना आपकी नीजी जानकारी चुराई जा सकती है।
  2. अपने यूपीआई पिन को संभाल कर रखें क्योंकि इससे फ्रॉड हो सकता है।
  3. सावधानी के लिए भीम यूपीआई जैसे सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही यूपीआई पिन का इस्तेमाल करें।
  4. अगर किसी वेबसाइट या फॉर्म में यूपीआई पिन डालने के लिए लिंक दिया गया हो, तो उससे बचें।
  5. सिर्फ पैसे भेजने के लिए डालें यूपीआई पिन।
  6. यदि आपको कहीं से पैसे मिल रहे हैं तो कभी न दें यूपीआई।
  7. यूपीआई पिन एटीएम पिन की तरह ही होता है इसलिए इसे किसी के साथ साझा ना करें।
  8. लेनदेन में दिक्कत आने पर ग्राहक सेवा से संपर्क करने के लिए केवल पेमेंट एप्लीकेशन का ही इस्तेमाल करें।

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