हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती का पेपर प्रिंटिंग प्रेस से हुआ था लीक, एसआईटी ने बिहार से पकड़े मास्टरमाइंड समेत पांच

हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एक नई खबर सामने आयी है। सीबीआई के इस मामले में एंट्री से पहले हिमाचल पुलिस की एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में बिहार के दो मास्टरमाइंड समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें से एक उस प्रिंटिंग प्रेस का पार्ट टाइम कर्मचारी है, जिसमें यह पेपर छापा गया था।

इन गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया है कि पेपर प्रिंटिंग प्रेस से ही लीक हुआ था। पुलिस की जांच में आरोपियों ने खुलासा किया है कि प्रिंटिंग प्रेस से आरोपियों ने पुलिस भर्ती का पेपर लीक किया था। बिहार से गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले के प्राथमिक स्रोत हैं। जांच में पता चला है कि उन्होंने एक-दूसरे के साथ मिलीभगत की और प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्न पत्र लीक कर दिया।

बिहार से पकड़े गए आरोपियों में से एक मास्टरमाइंड सुधीर यादव (40) निवासी अकबरपुर जिला नवादा प्रिंटिंग प्रेस में पार्ट टाइम काम करता था। आरोपी ने मार्च में पुलिस भर्ती का प्रश्न पत्र लीक किया और आगे गौतम कुमार भारती को गोरे लाल यादव के माध्यम से सुबोध सिंह, भरत यादव और अरविंद कुमार के निर्देश पर भेजा। इसमें अरविंद कुमार पूरे मामले का दूसरा मास्टरमाइंड है।

आरोपी गोरे लाल यादव (39) निवासी वारसिलगंज बिहार एक निजी कंपनी ओखला, दिल्ली में सुरक्षा गार्ड है। उसने सुबोध सिंह, भरत यादव के निर्देश पर गौतम कुमार भारती को हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। तीसरे आरोपी गौतम कुमार भारती (36) निवासी अथमल गोला, बढ़ा पाटा बिहार ने गोरे लाल से प्रश्न पत्र प्राप्त किया और आगे अपने भाई भरत यादव ब्रिंदर प्रसाद को भेज दिया। वहीं, चौथे आरोपी सुबोध कुमार (48) निवासी वारसिलगंज नवादा बिहार ने सुधीर यादव, गोरे लाल और चुली भरत यादव, अरविंद कुमार के लिए प्रश्न पत्र प्रोवाइड करवाया। पांचवां आरोपी अरविंद कुमार निवासी नवादा बिहार पूरे षड्यंत्र में सुधीर यादव के साथ मास्टरमाइंड है।
इस अपराध की पूरी तस्वीर हासिल करने के लिए एसआईटी इस पहेली के टुकड़ों को इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है।

डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि इस मामले में अब तक 121 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनका ब्रेकअप 85 उम्मीदवार, तीन उम्मीदवारों के माता-पिता और 33 एजेंट हैं। इन एजेंटों में हिमाचल प्रदेश के भीतर से 18 और हिमाचल प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से 15 लोग शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि अब तक तीन कोचिंग सेंटर-दो कांगड़ा पुलिस और एक ऊना पुलिस (भास्कर कोचिंग सेंटर, रोहतक) जांच के दायरे में हैं।

इसमें बिहार, यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल के गिरोह शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि जब भी जांच एजेंसी इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने आती है, तो मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए एक साथ कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। (साभार दिव्य हिमाचल)