कांग्रेस ने सावरकर के विचारों को स्वीकार किया होता, तो भारत विभाजन से बच जाता: योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि अगर कांग्रेस ने विनायक दामोदर सावरकर के विचारों को स्वीकार कर लिया होता, तो देश विभाजन की त्रासदी से बच जाता।

यह विचार सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘‘वीर सावरकर-जो भारत का विभाजन रोक सकते थे और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि’’ नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए व्यक्त किया।
सीएम आदित्यनाथ ने जनता को संबोधित किया और कहा कि वीर सावरकर को आजादी के बाद वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे। इसके बजाय, उन्हें 2 आजीवन कारावास की सजा मिली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व की बात की। उन्होंने कहा कि 1960 तक उन्हें अपनी पुश्तैनी संपत्ति नहीं मिली। वीर सावरकर ने हिंदुत्व शब्द का आविष्कार किया। वीर सावरकर को हिंदी शब्दावली में कई शब्दों का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उस वक्त की सरकार ने उनकी तुलना जिन्ना से की थी।
योगी ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में सावरकर की स्मृतिका बनवाई तो कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने उसे वहां से हटाकर अपमानित करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे कई राष्ट्रनायकों का भी अपमान किया है। अमृत महोत्सव के समय में इस देश ने कांग्रेस को उसके कृत्यों की सजा दी है। यह देश हर गद्दारी करने वाले को सजा देगा।