मजहबी कट्टरता के खिलाफ फ्रांस ने किया सभी मस्जिदों को बन्द।

फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक शिक्षक की गला काट कर हत्या कर दी गई थी। पढ़ाई के दौरान मोहम्मद पैगंबर की कार्टून वाली तस्वीर दिखाने पर एक छात्र के पिता ने शिक्षक की हत्या की थी। इस मजहबी कट्टरता के खिलाफ पेरिस में हजारों प्रदर्शन हुए और देश विदेश से इस घटना की कड़ी भर्त्सना हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हत्या को एक इस्लामिक आतंकवादी हमला बताया। इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्यवाही तेज करते हुए देश में मंगलवार से सभी मस्जिदों को बंद करवा दिया गया है।

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इस्लामिक कट्टरपंथियों
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इस्लामिक देशों की प्रतिक्रिया

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाने के दौरान हुई घटना के बाद, फ्रांस ने पेरिस में इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर रहा है। जिसके चलते इस्लामिक देशों में इसके खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। अरब के देशों ने फ्रांस के सामानों का बहिष्कार करने की नीति अपनाई है।
तुर्की के मित्र देश कतर ने फ्रांस के सांस्कृतिक सप्ताह के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। कई ट्रैवल एजेंसियों ने फ्रांस की यात्रा को भी बंद कर दिया है।

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इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ फ्रांस के कड़े कदम

सिएडेनिस यह आपकी तरफ से जारी किए गए नोटिस के अनुसार सभी मस्जिदों को 6 महीने के लिए बंद करने का आदेश है। ऐसा करने का एकमात्र कारण है इस्लामिक आतंकवाद को रोकना। फ्रांस की सरकार ने अब तक 120 स्थान और संगठनों की जाँच की है। यह वो सभी संगठन या स्थान है जिन पर इस्लामिक कट्टरवादी विचारधारा को फैलाने का आरोप है। फ्रांसीसी अधिकारियों एवं देश के सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने अपने संवाद में लोगों को आश्वस्त किया है कि जो भी तत्व देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।