तृणमूल कांग्रेस के डर से पूर्व फुटबॉलर ने 24 घंटे में ही छोड़ दी बीजेपी ?

पश्चिम बंगाल बीजेपी दफ्तर में एक अजीबो-गरीब मामला देखने को मिला जब एक पूर्व भारतीय फुटबॉलर और ईस्ट बंगाल क्लब के कप्तान रह चुके खिलाड़ी ने बीजेपी ज्वाइन करने के बाद 24 घंटे के अंदर ही पार्टी छोड़ दी. फुटबॉल खिलाड़ी मेहताब हुसैन को भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंगलवार को बीजेपी दफ्तर में भारत माता की जय उद्घोष के साथ भाजपा का झंडा थमाया था लेकिन लगता है मेहताब इस दबाव को सहन नही कर सके और 24 घंटे के अंदर ही राजनीति से बाहर आ गए. उधर मेहताब हुसैन के पार्टी छोड़ने के बाद प्रदेश बीजेपी इकाई ने आरोप लगाया है कि तृण मूल कांग्रेस की धमकियों की वजह से मेहताब ने पार्टी छोड़ी है.

मेहताब हुसैन बीजेपी का झंडा थामे हुए साथ में है पश्चिम बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष

पूर्व फुटबॉलर ने 24 घंटे के अंदर छोड़ी राजनीति

पश्चिम बंगाल में अराजकता और टीएमसी जैसी पार्टियों के खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने बीजेपी ज्वॉइन करने के 24 घंटे अंदर ही राजनीति छोड़ दी. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मेहताब हुसैन को टीएमसी के लोगों ने डराया, धमकाया जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी. हालांकि कोलकाता मैदान में ‘मिडफील्ड जनरल’ नाम से मशहूर मेहताब ने कहा कि राजनीति छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत है, वह राजनीतिक दल में शामिल होने के अचानक लिए गए फैसले से अपने परिवार और शुभचितकों को हुई पीड़ा से दुखी हैं.’

बता दें कि भाजपा की प्रदेश इकाई ने मुरलीधर सेन लेन स्थित दफ्तर पर मेहताब को भारत माता की जय के नारों के बीच भाजपा का झंडा थमाया था. उस समय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी वहां मौजूद थे.

मेहताब हुसैन

मेहताब ने कहा राजनीति में आकर लोगों की सेवा करना चाहता था

बीजेपी का झंडा थामने के एक दिन बाद  हुसैन ने कहा कि वह राजनीति मे आकर लोगों की सेवा करना चाहते थे लेकिन जिनकी वह सेवा करना चाहते थे वह मुझे राजनीतीज्ञ के तौर पर देख कर आहत हैं. हुसैन ने फेसबुक पोस्ट में कहा- ‘आज से मै किसी राजनीतिक दल से नही जुड़ा हूं. मै अपने इस फैसले के लिए सभी फैंस से माफी मांगता हूं.’ मेहताब ने कहा – ‘किसी ने भी यह फैसला लेने के लिए मुझे बाध्य नही किया. राजनीति से दूर रहने का फैसला मेरा व्यक्तिगत है.’

फुटबॉल क्लब ईस्ट बंगाल के पूर्व कप्तान मेहताब ने कहा कि वह राजनीति मे जिन लोगों की सेवा करने आए थे. वह मुझे राजनीतिज्ञ के तौर पर नही देखना चाहते. उन्होंने कहा कि उनके राजनीति में जाने से पत्नी औऱ बच्चे भी आहत थे.

भारत की तरफ से खेले गए 30 मैचों में 2 गोल करने वाले मेहताब ने कहा कि वह राजनीति में इसलिए आए थे क्योंकि वह लोगों से जुड़ना चाहते थे. मजबूर और उदास चेहरों ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी थी. इस मुश्किल वक्त में मैं अपने लोगों के साथ रहना चाहता था इसलिए मैने अचानक राजनीति की ओर मुड़ गया था.

बीजेपी का आरोप टीएमसी की धमकियों से मेहताब ने यू-टर्न लिया

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी तृण मूल कांग्रेस के धमकियों से डर कर मेहताब ने राजनीति छोड़ी है. बीजेपी ने कहा कि तृण मूल कांग्रेस डराने औऱ धमकाने की राजनीति करती आई है और उसी का यह नतीजा है. बीजेपी नेता सयांतन बसु ने कहा कि यह चीजें पहले भी देखने को मिली हैं जब टीएमसी ने पार्टी और उसके लोगों को धमकाने की कोशिश की है. लेकिन टीएमसी इस काम की वजह से जनता के बीच अपना समर्थन खोती जायेगी.

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल की कानून विहीन स्थिति को दर्शाती है. हालांकि टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने बीजेपी के आरोपों को निराधार बताया है.