असम के शख्स ने किया ऐसा कमाल अमेरिका भी हुआ कायल स्कूलो मे पढ़ाया जाएगा उन्हे लेकर पाठ

पिछले दिनो असम राज्य एनआरसी और सीएए को लेकर काफी चर्चाओ मे था । पूरा देश दो हिस्सो मे बट गया था । एक तबका खुलकर इसका विरोध कर रहा था तो दूसरा तबका पूर्णतः इसके समर्थन मे था । लेकिन आज जो खबर हम आपको असम के बारे मेे बताने जा रहे है उसे सुनकर आप इसका विरोध तो बेशक नही करेंगे लेकिन हां तारीफो के पुल जरुर बांध सकते है ।

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अमेरिकी स्कूल मे पढ़ाया जाएगा  ये कारनामा

भारत मे  फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने – जाने वाले जादव पायेंग ने  कुछ ऐसा करके दिखाया है कि अब उनका ये कारनामा एक अमेरिकी स्कूल ब्रिस्टल कनेक्टिकट के ग्रीन हिल्स स्कूल की कक्षा 6 के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.

जानिए ऐसा क्या किया है फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया

असम
Source – Zee News

पूर्व असम के माजुली जिले मे रहने वाले जादव पायेंग अपने गांव मे पेड़ो की कमी होने की वजह से काफी परेशान थे । उनके घर के पास लगभग 500  एक्कड़ से ज्यादा की जमीन थी । जो कि बंजर पड़ी थी । जादव ने बंजर पड़ी उस जमीन पर पेड़ लगाने का निश्चय किया। और देखते ही देखते बंजर पड़ी वो जमीन चारो तरफ से हरी – भरी हो गई । यही कारण है कि फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया की कहानी अब अमेरिकीयो को भी भाने लगी और एक स्कूल मे इसे कोर्स की तरह पढ़ाया भी जाएगा ।

सोलह साल का बच्चा बना फॉरेस्ट मैन

पायेंग को माजुली के जंगल की देखभाल करते हुए लगभग चालीस साल हो गए है । साल 1969 में बाढ़ आने की वजह से इस जंगल मे काफी सांपो की मृत्यो हो गई थी । देश – विदेश के वैज्ञानिको ने भी इसे लेकर हाथ खड़े कर दिए थे और कहा ये द्वीप जल्द ही नष्ट हो जाएगा । उस समय इतने बड़े – बड़े लोगो को एक 16 साल के  बच्चे ने चुनौती दी , उस बंजर जंगल की देखभाल करते हुए उसे हरा – भरा कर दिया । इसके लिए उन्हे पद्मश्री से भी नवाजा गया ।

असम के सीएम ने किया ट्वीट

अमेरिकी स्कूल मे फॉरेस्ट मैन को कोर्स की तरह पढ़ाए जाने के बारे  मे ट्वीट करते हुए असम के सीएम ने कहा कि – फॉरेस्ट मैन जादव पायेंग का प्रकृति को लेकर प्यार काफी सराहनीय है और ये सबको प्रेरित भी करता  है ।