ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस्लामिक संगठन पीएफआई की 68 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि की कुर्क

इस्लामिक संगठन पीएफआई पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक बड़ी कार्यवाही की खबर सामने आयी है। ईडी ने यह कार्यवाही मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की है। ईडी ने कहा कि उसने इस्लामिक संगठन पीएफआई और उसके अग्रिम संगठन रिहाब इंडिया फाउंडेशन के 68.62 लाख रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में अटैच किए हैं। जांच एजेंसी ने इन दोनों संगठनों के 33 बैंक खातों को अटैच किया है। ईडी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। इन खातों में 68 लाख रुपये से अधिक की राशि है। खातों को जब्त करने का आदेश धनशोधन रोकथाम कानून के तहत दिया गया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि पीएफआई के 23 खातों में पड़े 59,12,051 रुपये जबकि रिहाब इंडिया फाउंडेशन के 10 खातों में 9,50,030 रुपये अटैच हुए हैं। कट्टरपंथी संगठन पीएफआई का गठन 2006 में केरल में हुआ था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

खाते अटैच होने के बाद पीएफआई ने बयान जारी कर कहा, मीडिया की खबरों के अनुसार हमारे संज्ञान में यह बात आई है कि ईडी ने अस्थाई रूप से हमारे बैंक खातों को अटैच किया है। हम इन खबरों को जांच रहे हैं और बृहस्पतिवार को इस बारे में विस्तृत बयान देंगे।

ईडी उन आरोपों की जांच कर रही है जिनमें कहा गया है कि पीएफआई ने सीएए विरोधी आंदोलन और फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराई। ईडी ने पीएफआई और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ दो आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

ईडी ने कहा, जांच में खुलासा हुआ है कि संदिग्ध स्रोतों से पीएफआई और आरएफआई ने भारी मात्रा में पैसे हासिल किए। इनमें नकद जमा शामिल हैं। 2009 से लेकर अबतक पीएफआई के खातों में 60 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हुई जिसमें 30 करोड़ रुपये से अधिक नकद जमा हुए। इसी प्रकार 2010 से लेकर अब तक रिहाब फाउंडेशन के खातों में 58 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।