भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने पहली बार माना, चीन ने एलएसी पर किया घुसपैठ !

भारत औऱ चीन के बीच लद्दाख सीमा पर अभी भी तनातनी का दौर जारी है. दोनो ओर के हजारों सैनिक आमने-सामने डटे हुए हैं इस बीच भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने पहली बार माना है कि भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ हुआ है.  रक्षा मंत्रालय ने अपने वेबसाइट पर आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि चीनी सैनिकों ने गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद भारतीय क्षेत्र में मई के महीने में घुसपैठ की थी. बता दें कि यह बयान ऐसे समय मे आया है जब भारत और चीन के बीच कई दौर के बातचीत के बाद भी चीनी सैनिक कई पेट्रोलिंग प्वाइंट पर डटे हुए हैं. इससे विपक्ष औऱ खासतौर से कांग्रेस के उस दावे को मजबूती मिली है जिसमें कहा गया था कि चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में काफी आगे घुसपैठ कर चुके हैं.

भारत ने चीनी घुसपैठ स्वीकार किया है

भारत औऱ चीन के बीच शीर्ष स्तर पर कई दौर के बातचीत के बाद भी पैंगोग त्सो और गोगरा में गतिरोध जारी है. इस बीच भाजपा शासित केन्द्र सरकार ने पहली बार माना है कि चीनी सैनिकों ने भारत के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र मे मई के महीने में घुसपैठ की थी. मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि बीजिंग ने कुगरांग नाला (पेट्रोलिंग पॉइंट-15 के पास) गोगरा (पीपी-17ए) औऱ पैंगोग त्सो के उत्तरी तट के क्षेत्रों में 17-18 मई को सीमा का उल्लघंन किया है.

त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पड़ सकती है

रक्षा मंत्रालय ने बेवसाइट पर जारी बयान में कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी गतिरोध लंबा हो सकता है और आने वाले समय में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पड़ सकती है. इस बयान में यह भी कहा गया है कि चीन ने भारतीय पेट्रोलिंग पैटर्न में बाधा डाली थी इसके बाद ही विदेश मंत्रालय ने एलएसी पर यथास्थिति बनाए रखने औऱ द्वीपक्षीय समझौते के अनुसार स्थिति को नियंत्रित करने की बात पर जोर दिया था. मंत्रालय ने यह भी कहा है कि गलवान घाटी झड़प चीनी सैनिकों द्वारा पेट्रोलिंग में बाधा डालने और एलएसी पर संरचनाओं को खड़ा करने के कारण हुआ है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी माना था चीनी सैनिक एलएसी पर आगे आए हैं

इससे पहले चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी साक्षात्कार के दौरान स्वीकार किया था कि चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या पहले की तुलना में थोड़ा आगे आ गई थी. हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक रुप से स्पष्ट किया गया था कि इसका गलत मतलब नही निकाला जाना चाहिए जबकि रक्षा मंत्री का साफतौर पर इशारा चीनी सैनिकों के एलएसी के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश को लेकर था.

बता दें कि 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए झ़ड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे तो वहीं काफी संख्या में चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे.