कुवैत में विरोध करने की हिम्मत न करें: नूपुर शर्मा का विरोध करने वाले प्रवासियों को गिरफ्तार कर कुवैत से वापस भेजा जाएगा

पूर्व भाजपा नेताओं नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी का विरोध करने वालों के खिलाफ कुवैत सरकार अब हरकत में है और कुवैत शहर में विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।

कुवैत सरकार की ओर से सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर उनके संबंधित देशों में वापस भेजने का स्पष्ट आदेश दिया गया है।

सरकार ने आगे कहा कि ‘यहां सभी प्रवासियों को कानूनों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी तरह के प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लेना चाहिए’।

माना जा रहा है कि इन प्रदर्शनकारियों में भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने देश के कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया है। कुवैत में, प्रवासियों को देश में धरना या विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं है, यही सरकार की सख्त कार्रवाई का मुख्य कारण है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक ने रविवार को अपने आधिकारिक हैंडल से इस खबर को ट्वीट किया, “कुवैत सरकार ने उन भारतीयों को निर्वासित करने का फैसला किया जिन्होंने नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर की टिप्पणी के खिलाफ कुवैत के फरहील शहर में विरोध रैली की थी। उनका वीजा स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा और उन्हें भारत भेज दिया जाएगा।

यह घटना 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई थी, फहील में रहने वाले प्रवासियों ने अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और इन प्रदर्शनकारियों में भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों को माना जाता है।

इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान दूतावास द्वारा जारी एक बयान में स्पष्ट कहा था “अगर कोई पाकिस्तानी इसमें शामिल है तो उसे संयुक्त अरब अमीरात के कानून के तहत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। “