जम्मू-कश्मीर : पहले त्राल और अब डोडा जिले को सेना ने किया आतंक मुक्त

कोरोना संकट में एक तरफ दुनिया मुसीबत में है तो वहीं दहशतगर्द जम्मू-कश्मीर में अपनी गतिविधियां जारी रख रहे हैं। हालांकि इनके सफाए के लिए भारतीय सेना भी कमर कस चुकी है। हालत अब ये है कि भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से घाटी के दो जिलों को आतंकमुक्त कर दिया है। अब इन जिलों में दहशतगर्दों का नामो-निशां नहीं है।

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हिज्बुल मुजाहिद्दीन का एक भी सक्रिय आतंकवादी नहीं बचा

बता दें कि 27 जून को खबर आई कि भारतीय सेना ने दक्षिण कश्मीर का पुलवामा सेक्टर जोकि आतंकियों का गढ़ माना जाता रहा है, उसे आतंकियों से खाली करवा लिया है। पिछले कुछ दिनों से भारतीय सेना लगातार हो रही मुठभेड़ में आतंकियों को मौत के घाट उतार रही है। कश्मीर के त्राल क्षेत्र में हालत ये है कि हिज्बुल मुजाहिद्दीन का एक भी सक्रिय आतंकवादी नहीं बचा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से गुरुवार को त्राल सेक्टर में तीन आतंकवादियों के मारने के बाद दावा किया गया है कि दशकों के बाद इस क्षेत्र में हिज्बुल मुजाहिद्दीन की कोई उपस्थिति नहीं रही।

त्राल में सारे आतंकी मारे जा चुके हैं

दरअसल एक समय था जब त्राल को आतंकियों का गढ़ कहा जाता था, लेकिन सेना के जवानों के शौर्य से त्राल में अब एक भी आतंकवादी नहीं बचा है। त्राल से आतंकी कमांडर बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे दहशतगर्द आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया करते थे। इन दोनों को भारतीय सुरक्षाबलों पहले ही मार गिराया था। शुक्रवार को त्राल के चेवा उल्लार इलाके में 3 आतंकी ढेर किए जाने के बाद कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने बताया कि अब इस इलाके में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का एक भी सक्रिय आतंकवादी नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि 1989 से त्राल में आतंकी सक्रिय थे, लेकिन अब यहां के सारे आतंकी मारे जा चुके हैं।

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डोडा जिला भी आतंकवाद मुक्त

इसके अलावा दक्षिण कश्मीर में हुए मुठभेड़ में हिज्बुल मजाहिदीन के आतंकवादी मसूद के मारे जाने के बाद जम्मू एवं कश्मीर का डोडा जिला भी आतंकवाद मुक्त हो चुका है। सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि अनंतनाग जिले में पुलिस और सेना के संयुक्त अभियान में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस ऑपरेशन में लश्कर के दो आतंकवादी शामिल हैं। इनमें से एक जिला कमांडर था। मारा गया एक आतंकवादी हिज्बुल मुजाहिदीन का था। उसका नाम मसूद था।

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जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा, “मसूद के रूप में अंतिम सक्रिय आतंकवादी के मारे जाने के बाद अब डोडा जिला पूरी तरह आतंकवाद मुक्त हो गया है।” उन्होंने बताया कि, मसूद दुष्कर्म के एक मामले में शामिल था और फरार था। बाद में उसे उसने हिज्बुल का दामन थाम लिया और कश्मीर को अपना एरिया ऑफ ऑपरेशन बनाया। उसके पास से एक एके-47 राइफल और दो पिस्टल बरामद किए गए।

अबतक 116

इस तरह से घाटी में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने अबतक 116 आतंकवादियों को मार गिराया है। इसमें से 38 आतंकी सिर्फ इस महीने मारे गए हैं।

जून महीने हुए 15 एनकाउंटर

वहीं अगर भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे मुठभेड़ पर नजर डालें तो जून महीने हुए 15 एनकाउंटर में अब तक 46 आतंकी मारे जा चुके हैं। बीते गुरुवार को ही बारामूला के सोपोर इलाके में भी 2 आतंकी मारे गए थे। आतंकियों को मारने के साथ उनके मददगारों को भी पकड़ने का सिलसिला जारी है। बडगाम के नरबल इलाके में बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा के 5 मददगारों को गिरफ्तार किया था।

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सेना के जवानों पर भी खतरा

आतंकियों के खात्में को लेकर कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार के मुताबिक भारतीय सुरक्षाबल के जवान आतंकियों का सफाया करने में लगे हुए हैं लेकिन उनपर भी खतरा कम नहीं है। खुफिया जानकारी के मुताबिक सेना को आईईडी हमलों या धमाकों की संभावनाओं को लेकर अलर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी के मुताबिक आतंकवादी इस हमले के लिए कार का इस्तेमाल कर धमाका कर सकते हैं।