जानिए अखिर क्या है देश के खास लोगों को मिलने वाली Z+, Z, Y, X श्रेणी की Security

पिछले दिनों शिव सेना नेता संजय राउत और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच हुए जुबानी घमासान के बाद भारत सरकार ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई प्लस कैटगिरी की सुरक्षा मुहैया कराने का फ़ैसला किया है। बता दें सरकार द्वारा समय-समय पर देश में दिग्गज नेताओं, बड़े अधिकारियों और ख़ास शख्सियतों को अलग-अलग श्रेणी की Security मुहैया कराती रही है।

लेकिन क्या आप जानते हैं सुरक्षा की इन श्रेणियों का क्या मतलब है? 

The Nation Opinion आपके लिए यह विशेष खबर लेकर आया है जिसमें हम आपको बतायेंगे सुरक्षा की श्रेणियों से जुड़ी पूरी जानकारी।

इतने प्रकार की होती है Security ?

भारत में नेताओं या बड़ी शख्सियतों को ज़ेड प्लस, ज़ेड, वाई और एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। इनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, मशहूर नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत में 450 लोगों को इस तरह के सुरक्षा मिली हुई है।

Also Read – अब नए नाम से जाना जाएगा Vodafone – Idea ब्रांड, पढ़िए पूरी खबर

किनके जिम्मे होती है सुरक्षा

केंद्र सरकार द्वारा मुहैया की जाने वाली सभी तरह की सुरक्षा में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG), इंडियन-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स(CRPF) एजेंसियां शामिल होती हैं।

कैसी होती है Z+ श्रेणी की सुरक्षा 

Z+ श्रेणी की Security देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। यह वीवीआईपी श्रेणी की सुरक्षा मानी जाती है। इस श्रेणी की सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसमें एनएसजी और एसपीजी के कमांडो शामिल रहते हैं। बता दें इस सुरक्षा में पहले घेरे की ज़िम्मेदारी NSG की होती है जबकि दूसरी परत SPG कमांडो की होती है। इसके अलावा ITBP और CRPF के जवान भी Z+ सुरक्षा श्रेणी में शामिल रहते हैं।

कैसी होती है Z और Y श्रेणी?

Z श्रेणी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 22 होती है। इस श्रेणी में ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के जवान और अधिकारी सुरक्षा में लगाए जाते हैं। इस श्रेणी की Security में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं।

कंगना को दी गयी Y श्रेणी की सुरक्षा में यह संख्या घटकर 11 हो जाती है। जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (PSO) शामिल होते हैं। वहीं X कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है।