क्या सच में प्रधानमंत्री मोदी ने हिन्दू राष्ट्र के लिए योगी आदित्यनाथ को दिए 50 करोड़ रूपये?

सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें वायरल होती रहती है. जिसकी जो मर्जी में आया लिखा और शेयर कर दिया. बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो इसकी सच्चाई जाने बिना ऐसे पोस्ट लगातार शेयर करते जाते हैं. जिसकी वजह से कई बार साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल चुका है. विवाद खड़ा हो चुका है और तो और दंगा-फसाद तक की नौबत आ जाती है. पलक झपकते हो सोशल मीडिया फर्जी खबरें वायरल होने लगती है.

राममंदिर को लेकर किया गया हैरान करने वाला दावा 

ऐसा ही एक मामला एक वक्त सामने आया है. जहाँ अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम बड़े ही भव्य तरीके से संपन्न कराया गया, जिसमें खुद प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के शामिल होने के बाद कि लोगों ने इसपर आपत्ति जताई. लेकिन अब एक ऐसी खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिससे बवाल मच सकता है. हालाँकि अब इस खबर की सच्चाई भी सामने आ गयी है.

क्या सच में पीएम ने सीएम को दिये 50 करोड़ रूपये ?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने में उनके योगदान के लिए बधाई दी और अयोध्या में श्री राम मंदिर  के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये भेजने की बात कही. इस पत्र में कई तरह की बातें लिखी गयी है.सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फेक लेटर में 7 अगस्त की तारीख लिखी हुई और प्रधानमंत्री मोदी के फर्जी हस्ताक्षर भी हैं. अब जो भी इस पत्र को देखेगा वो समझ ही नही पायेगा कि आखिरकार इस पत्र की सच्चाई क्या है.

जानिये क्या है इसके पीछे की सच्चाई

हालाँकि इसकी सच्चाई खुद PIB फैक्ट चेक की टीम ने सामने लायी है. जिसमें ये साफ तौर बताया गया है कि ये खबर पूरी तरह गलत है. ऐसे कोई भी चिट्ठी या पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से नही लिखा गया है. पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट में लिखा, ‘एक फेसबुक यूजर ने एक लेटर पोस्ट किया है जिसमें दावा किया गया है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा है. ये लेटर फेक है.’ 

इस तरह की खबरों से आप सभी को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि कुछ लोग इस तरह की खबरें फैला कर सांप्रदायिक तनाव या राजनीतिक लाभ पाने की कोशिश में लगे होते हैं. किसी भी खबर को शेयर करने से पहले आप उसकी सत्यता की जांच जरूर करें या फिर किसी विश्वसनीय न्यूज चैनल या पोर्टल का सहारा लें.