पद्मविभूषित टीएन कृष्णन का हुआ निधन , पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

6 अक्टूबर 1928 को जन्म लेने वाले वायलिन वादक और पद्म पुरस्कार से सम्मानित टीएन कृष्णन अब इस दुनिया मे नही रहे । उनका निधन दो नवंबर की शाम को चेन्नई मे हो गया । 92 वर्ष की उम्र मे उन्होने अपनी आखिरी सांसे ली ।

हमेशा याद रहेंगे टीएन कृष्णन

टीएन कृष्णन
दैनिक जागरण

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वो भले ही अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन पूरा देश उनकी रागों की प्राचीन सुंदरता का प्रतिनिधित्व करता रहेगा। उन्होंने एक बालक के रूप में संगीत की दुनिया में प्रवेश किया था। अपने जीवन के अंतिम दिनों  तक वे रागों का प्रदर्शन करते रहे।

पद्म विभूषण से किया गया था सम्मानित

बचपन से ही संगीन को अपनी जिंदगी मानने वाले कृष्णन चेन्नई में म्यूजिक के प्रोफेसर बन गए । इतना ही नहीं वो कुछ सालों तक दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स के डीन के पद पर भी रहे। उनके संगीत में कुछ अलगपन था जिसकी वजह से उन्हें संगीत की दुनिया का प्रोफेसर कृष्णन के रूप में माना जाता है। आपको बता दें कृष्णन को संगीत अकादमी का संगीत कलानिधि और पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया था।

इन दिग्गजो के साथ किया था काम

कृष्णन ने कई दिग्गज लोगों के साथ काम किया है। उसमें से कुछ अरियाकुड़ी रामानुज अयंगर, मुसिरी सुब्रमनिया अय्यर, अलाथुर ब्रदर्स, जीएन बालासुब्रमण्यम, मदुरै मणि अय्यर, वैद्यनाथ भगवान, एमडी रामनाथन और महाराजपुरम विश्वनाथ अय्यर जैसे महान संगीतकार भी शामिल हैं।

पीएम ने जताया शोक

पद्म विभूषण से सम्मानित टीएन कृष्णन को श्रद्रांजलि देते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि टीएन कृष्णन के निधन की खबर सुन काफी दुखी हूं । वो एक महान वादक होने के साथ – साथ युवाओ को मार्गदर्शित करने वाले एक बेहतर शिक्षक भी है । उनका जीवन भर किया गया काम हमारे संस्कृति को दिखाता है । और यह भी बताता है कि वो कितने संवेदनशील थे ।