Delhi Riots में सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव, जयती घोष सहित कई बड़े नामों पर लगा साजिश रचने का आरोप, पढ़िए अखिर किसके बयान से हुआ खुलासा ?

इस साल फरवरी में हुए Delhi Riots के मामले में दिल्ली पुलिस ने CPM महासचिव सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, अर्थशास्त्री जयती घोष, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं कार्यकर्ता अपूर्वानंद और डॉक्यूमेंटरी फिल्मकार राहुल रॉय के नाम सह-षड्यंत्रकर्ताओं के रूप में दर्ज किए हैं।

अखिर क्या है पूरा मामला ?

यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि इनमें से कुछ लोगों ने CAA का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को ‘‘किसी भी हद तक जाने को कहा’’, CAA-NRC को मुस्लिम विरोधी बताकर समुदाय में नाराजगी बढ़ाई और भारत सरकार की छवि खराब करने के लिए प्रदर्शन आयोजित किए।

तीन छात्राओं के बयान बना आरोप का आधर

बता दें इन लोगों को तीन छात्राओं के बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया है, जेएनयू की छात्राएं देवांगना कालिता और नताशा नरवाल और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा गुलफिशा फातिमा पिंजरा तोड़ की सदस्य भी हैं।

इन लोगों को जाफराबाद हिंसा मामले में आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि यहीं से दंगे शुरू होकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य हिस्सों तक फैल गए थे, तीनों ही छात्राओं के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज हैं।

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दिल्ली पुलिस का दावा – साजिश रचने का किया काम

आरोप-पत्र में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि कालिता और नरवाल ने दंगों में न केवल अपनी संलिप्तता स्वीकार की है बल्कि घोष, अपूर्वानंद और रॉय का नाम भी अपने संरक्षकों के तौर पर लिया है जिन्होंने छात्राओं से कथित तौर पर कहा था कि वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करें और ‘‘किसी भी हद तक जाएं’’। आरोप-पत्र के मुताबिक छात्राओं-कार्यकर्ताओं ने पुलिस को यह भी बताया कि उन तीनों ने इस्लामी समूह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और जामिया समन्वय समिति के साथ मिलकर पिंजरा तोड़ के सदस्यों को बताया कि सीएए के खिलाफ अभियान को किस तरह आगे लेकर जाना है, घटनाक्रमों की पुष्टि पुलिस ने जामिया की छात्रा फातिमा के बयानों के जरिए की है।

Delhi Riots में इन लोगों के नाम भी हैं शामिल

आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि येचुरी और योगेंद्र यादव के अलावा फातिमा के बयान में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के कार्यकर्ता उमर खालिद और पूर्व विधायक मतीन अहमद एवं विधायक अमानतुल्ला खान जैसे लोगों के नाम भी शामिल हैं। इसमें उन्हें हिंसा के साजिशकर्ताओं का मददगार बताया गया है.