भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर संशय की स्थिति बरकरार, 2021 का आखिर तक मिलने की उम्मीद !

भारत मे कोरोना वायरस से संक्रमितों लोगों की संख्या 50 लाख को पार कर गई है. पिछले 24 घंटे में 90 हजार से भी ज्यादा मामले भारत में दर्ज किए गए हैं. उधर कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत में अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है. एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर कहा जा रहा है कि यह 2020 के आखिर तक या फिर 2021 के पहले क्वार्टर में  यह लोगों को उपलब्ध हो जायेगी. लेकिन इस धारणा के विपरीत इसकी गति को देखते हुए लग रहा है कि यह वैक्सीन भारत में आम लोगों को 2021 के आखिर या फिर 2022 के पहले क्वार्टर में ही उपलब्ध हो पायेगी.

कोरोना वैक्सीन
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भारत में कोरोना वैक्सीन के लिए लग सकता है काफी समय

भारत में कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बरकरार है. विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वैक्सीन 2021 के आखिर तक ही लोगों को मिल सकती है. यही नही सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से पूरे 1.3 बिलियन लोगों तक इसे पहुंचने में 18 से 24 महीने तक का और समय लग सकता है. माना जा रहा है कि अगर मार्च-अप्रैल तक कोरोना वैक्सीन की पहली डोज उपलब्ध भी हो जाती है. तो इसे सभी लोगों तक पहुचंने में काफी वक्त लग सकता है क्योंकि सरकार वैक्सीन को लान्च करने की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है.

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफि इंडिया के अध्यक्ष श्रीनाथ रेड्डी ने सरकार की मंशा को सही ठहराते हुए कहा कि- ”मुझे लगता है कि भारत की आधी आबादी को सुरक्षित औऱ प्रभावी कोरोना वैक्सीन मिलने में एक साल भी लग सकते हैं. उन्होंने कहा की रेगुलेटरी परमिशन मिलने के बाद सबसे पहले आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को यह वैक्सीन दी जायेगी जो सबसे ज्यादा रिस्क पर हैं. उन्होंने कहा कि भारत के आम लोगों को यह वैक्सीन लान्च होने के 6-8 महीने बाद ही उपलब्ध हो पायेगी.”

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कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक जिन लोगों को दी जायेगी उनमें स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोग, 65 साल से अधिक उम्र के नागरिक, आर्थिक रुप से कमजोर और अतिआवश्यक सेवाओं जैसे कि रेल, रोड और एयर ट्रांसपोर्ट में लगे लोगों की दी जायेगी.