अब तो कांग्रेस के ही नेता कहने लगे है कि अगर राहुल के पास कमान रही तो 2024 में….

कांग्रेस के 23 नेताओं ने पार्टी के अंदर बदलाव करने को लेकर सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी तो आनन-फानन में डैमेज कंट्रोल करने के लिए कांग्रेस कार्य समिति(CWC) की बैठक बुला ली गई है। बैठक में क्या हुआ, वही बस ढाक के तीन पात। शुरूआत में खबर उड़ी कि सोनिया गांधी अतंरिम अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देंगी लेकिन जब CWC की बैठक हुई तो अगले 6 माह के लिए फिर से सोनिया गांधी अध्यक्ष बनी रहेंगी, ये निष्कर्ष निकला। अब इसके बाद जिन लोगों ने चिट्ठी लिखकर बदलाव की आग सुलगाई थी, उन्हें भी CWC बैठक में खरी-खोटी सुनने को मिली। उनपर आरोप तक लगा दिया गया कि वो 23 नेता भाजपा से मिले हुए हैं।

Sonia Gandhi Rahul Gandhi

अब जब पार्टी में दो धड़े में है, जहां एक में सोनिया गांधी के वफादार हैं, तो दूसरी तरफ बदलाव करने की आग में झुलस रहे बागी तेवर वाले नेता हैं, तो ऐसे में राहुल के खिलाफ भी आवाज आनी शुरू हो गई है। वैसे ये पहली बार है कि जब राहुल गांधी के खिलाफ पार्टी में सुर उठने शुरू हो गए हैं। अब लोग खुलकर तो नहीं लेकिन बोलने जरूर लगे हैं कि अगर राहुल गांधी के हाथों में नेतृत्व रहा तो अगले चुनाव में पार्टी की लंका लगनी तय है।

बता दें कि जिन लोगों ने कांग्रेस में संगठन स्तर पर बदलाव की मांग को लेकर चिट्ठी लिखी थी, उनमें से एक नेता ने एक निजी चैनल से बात करते हुए अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि, पिछले दो लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में पार्टी को आगे भी जीत की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए उन्होंने एक बार फिर से कहा कि पार्टी में बड़े पैमाने पर बदलाव की जरूरत है।

Congress Meeting CWC

कांग्रेसी नेता ने कहा कि, ‘हमलोग इस हालत में नहीं है कि ये कह सके कि 2024 के चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में हमें 400 सीटों पर जीत मिलेगी। हमें इस बात का एहसास होना चाहिए कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को जरूरत के मुताबिक सीटें नहीं मिल पाई हैं।’ बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनीं।

हालांकि ऐसा नहीं है कि चिट्ठी लिखने वाले नेता के मन में सिर्फ निराशा ही है, उन्होंने एक उम्मीद के साथ ये भी कहा कि, अगर पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव हों तो मुमकिन है चुनावों में अच्छा प्रदर्शन हो। अगर पार्टी को फिर से सत्ता की तरफ वापसी करनी है तो पार्टी में बड़े बदलाव की जरूरत है। इस नेता ने भी कहा कि चिट्ठी लिखने वालों में से ज्यादातर का कहना है कि वो लंबे वक्त से राजनीति में हैं और वो पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वे सब सोनिया गांधी का सम्मान करते हैं। लेकिन पार्टी में बड़े बदलाव की जरूरत है।

पार्टी की दशा पर उन्होंने कहा कि, ‘नागपुर से लेकर श‍िमला तक पार्टी के सिर्फ 16 सांसद हैं, जिनमें से भी 8 अकेले पंजाब से हैं। हमें मान लेना चाहिए कि हम भारत में हैं और वास्तविकता कुछ और है। अगर कोई बैठक होती है तो मैं इस मुद्दे पर अपने विचार जरूर रखूंगा।’

Credit: ANI

फिलहाल पार्टी में चिट्ठी-लेटर या फोन किसी का भी प्रयोग कर लिया जाय लेकिन लोगों का मानना है कि पार्टी आलाकमान के आसपास ऐसे-ऐसे लोग जमे पड़े हैं कि उन्हें पार्टी हित को लेकर कोई बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है।