सरकार बनते ही बदले की भावना में मध्य प्रदेश सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, कम्प्यूटर बाबा को लिया घेरे में, देखिए पूरी खबर!

नामदेव दास त्यागी, जिन्हें कम्प्यूटर बाबा भी कहा जाता है, उनके खिलाफ रविवार को अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की गई। यह बात मध्य प्रदेश के इंदौर की है। खबर मिली है कि बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम को प्रशासन ने तोड़ दिया है। उन्हें प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भी भेज दिया गया है। बता दें कि कम्प्यूटर बाबा ने हाल ही में मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाली थी।

Ramdev das tyagi
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कहाँ था बाबा का आश्रम?

बाबा का आश्रम इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर जम्बूडी हप्सी गांव में था। उन पर आरोप है कि उन्होंने गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर के इसमें से 2 एकड़ जमीन पर आश्रम बना दिया गया। बता दें कि प्रशासन ने उन्हें 2 महीने पहले नोटिस देकर कागज पेश करने को कहा था। उन्हें 2 हजार रुपए का फाइन लगाकर कब्जा हटाने के लिए भी कहा गया था।

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बाबा ने नहीं माने आर्डर!

बाबा ने न ही कागज पेश किए और न ही कब्जा हटाया।एडीएम अजयदेव शर्मा रविवार सुबह नगर निगम की टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुँचे और आश्रम तुड़वा दिया।पुलिस ने बाबा और उनके 4 सहयोगियों को पहले ही हिरासत में ले लिया था।

राजनीति से भी रहा है तालुल्क!

जानकारी के लिए बता दें कि बाबा का राजनीति से भी तालुल्क रहा है। इसी के चलते उन्होंने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञासिंह का विरोध किया था और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में यज्ञ किया था। दिग्विजय सिंह का कहना है कि आश्रम तोड़ना एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई करना है।

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कुछ ज़रूरी तथ्य!

बाबा ने मार्च 2018 में, नदी के किनारे पेड़ लगाने में हुए कथित घोटाले के खिलाफ यात्रा निकालने की घोषणा की थी। इसी के बाद शिवराज सरकार ने पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी में कम्प्यूटर बाबा को भी शामिल किया गया था। यहीं नहीं उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया गया था। लेकिन सरकार बदलने पर बाबा ने भी अपना खेमा बदल लिया और कांग्रेस के पक्ष में चले गए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी नर्मदा विकास के लिए समिति बनाकर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।

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