अमेरिका के इस चाल से ड्रैगन होने वाला है चारों खाने चित..जानिए वजह !

चीन बीते कुछ महीनों से कुछ ऐसा कर रहा है, जिससे अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर उसकी काफी किरकिरी हो रही है. पहले तो कोरोना वायरस को लेकर चीन हांसिए पर था फिर भारत के साथ वह गलवान घाटी में उलझ बैठा. दरअसल चीन एशियाई देशों पर धाक जमाना चाहता है,इसीलिए वह नई-नई चालें चलता रहता है. लेकिन चीन की यह हेकड़ी अब ज्यादा दिन नही रहने वाली क्योंकि अमेरिका ने ऐसी चाल चली है की ड्रैगन चारों खाने चित हो जायेगा.

चीन की हेकड़ी कम करने एशिया मे सैनिकों की तैनाती करेगा अमेरिका

दरअसल चीन बड़े ही शातिराना अंदाज में अपनी चालें चलता है उसका कई देशों के साथ सीमा विवाद है इसलिए वह इन देशों को डरा-धमका कर अपना नियंत्रण बताने की कोशिश करता है लेकिन चीन की यह चाल कामयाब होती नही दिख रही है. क्योंकि अमेरिका ने बड़ा फैसला ले लिया है.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पंपियो ने बताया है कि भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलिपींस जैसे देशों पर चीन के खतरे को देखते हुए अमेरिका दुनिया भर में स्थित अपने मिलिट्री बेस पर सैनिकों की तैनाती की समीक्षा कर रहा है. जिससे जरुरत पड़ने पर अमेरिका पीएलए पर उचित कार्रवाई कर सके. उन्होंने कहा कि यह हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस चुनौती से निपटने के लिए सभी जरुरी संसाधन हमारे पास हों.

माइक पंपियों ने कहा कि केवल अमेरिका ही नही है जो चीन का सामना कर रहा है बल्कि पूरी दुनिया चीन का सामना कर रही है. उन्होंने बताया कि अमेरिका जर्मनी से अपनी सैनिकों की संख्या 52 हजार से कम कर 25 हजार कर रहा है. इन सैनिकों की तैनाती जमीनी स्तर की वास्तविकता के आधार पर की जायेगी. इससे पहले भी माइक पंपियो ने चीन की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उसने भारत के साथ सीमा पर उलझ कर बेवजह ही तनाव पैदा कर दिया है.

बता दें कि 15-16 जून की दरमियान लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर रुस, अमेरिका और जापान सहित कई देशों ने सीमा पर चीनी सैनिकों द्वारा की गई बर्रबता पूर्ण कार्रवाई की निंदा की थी.

दरअसल चीन चाहता है कि एशियाई देशों का नियंत्रण उसके हाथों में हो लेकिन कोरोना संकट के बीच उपजे हालातों का आकलन कर पाने में वह असफल रहा और भारत से ही पंगा लेकर अपने किए कराए पर पानी फेर लिया.