आखिरकार पीएम मोदी के लेह पहुँचने से चीन को हुआ दर्द, भारतीय जवानों का उत्साह हुआ दोगुना

कोरोना की महामारी के दौरान एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से बाहर बेहद कम निकल रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ जरूरी कामों के लिए निकलने से परहेज भी नही करते. हाल ही जब असम और पश्चिम बंगाल में तूफ़ान अम्फान ने तबाही मचाई थी तब भी प्रधानमंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए गये थे और अब शुक्रवार सुबह अचानक खबर सामने आई कि पीएम मोदी लेह पहुँच गये हैं.

दरअसल चीनी सीमा से सटा लेह बेहद उंचाई वाला इलाका है. दूसरी तरफ चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी का सीमा पर दौरा बेहद अहम हो जाता है. लेह पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने सेना, एयरफोर्स और इंडो तिब्‍बत बॉर्डर पुलिस के जवानों से बात की. समुद्र तल से 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नीमू ज़ांस्कर रेंज से घिरा हुआ है और सिंधु के तट पर है. नीमू दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक पोस्ट में से एक माना जाता है. यहाँ जवानों से मिलने पहुंचे प्रधानमंत्री ने सबको चौका दिया.

आपको यहाँ ये भी बता दें कि कुछ समय पहले ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लेह जाने की खबर सामने आई थी लेकिन रक्षामंत्री का दौरा रद्द कर दिया गया और खुद को प्रधानमंत्री, चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ और सेना प्रमुख के साथ लेह पहुँच गये. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी का ये दौरा इस लिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि पिछले दिनों गलवान घाटी में जिस तरह से भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी उसके बाद हालात युद्ध तक पहुँच गये थे. हालाँकि स्थिति में अभी भी कोई ख़ास सुधार नही आया है.

प्रधानमंत्री मोदी के लेह दौरे का एक वीडियो भी जारी किया गया है जिसमें हम साफ़ तौर पर देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री जवानों से मिल रहे हैं, सीमा को बारीकी से समझ रहे हैं और जवानों का हौसला बढ़ा रहे हैं. इतना ही नही प्रधानमंत्री मोदी ने यहाँ जवानों को संबोधित भी किया है. जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन वक्त दो माताओं को नमन करता हूँ पहली भारत माता और दूसरी जो आप जैसे जवानों को पैदा किया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है. आपकी भुजाएं, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं. आपकी इच्छा शक्ति आस पास के पर्वतों की तरह अटल हैं. आपका ये हौसला, शौर्य और मां भारती के मान-सम्मान की रक्षा के लिए आपका समर्पण अतुलनीय है. जिन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता.अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है. मैं गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को आज फिर से श्रद्धांजलि देता हूं. उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है.

प्रधानमंत्री मोदी के लेह पहुँचने के बाद जवानों में भी उत्साह देखने को मिला, जहाँ जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए, वन्दे मातरम् की आवाज गूँज उठी. कहीं ना कहीं यही शायद पीएम मोदी की कोशिश भी थी कि जवानों का उत्साह बढ़ाया जाए.

वहीँ प्रधानमंत्री के दौरे से चीन को दर्द तो होना ही था. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान कहीं भी चीन का नही लिए, लेकिन  चीन की तरफ से प्रधानमंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया सामने आ गयी है. चीनी दूतावास की प्रवक्ता जी रोंग ने ट्वीट करते हुए कहा, “चीन के 14 पड़ोसियों में से 12 के साथ शांतिपूर्ण बातचीत के आधार पर सीमा का निर्धारण हुआ है और इसने ज़मीनी सीमा को दोस्ताना सहयोग के बंधन में बांध दिया है. चीन का उसके पड़ोसियों के साथ मतभेद को बढ़ा-चढ़ा कर, मनगढ़ंत तरीक़े से पेश करना और उसे विस्तारवादी के रूप में देखना आधारहीन है.”