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भाईदूज के दिन बहन से किए वचन को पूरा करने के लिए भाई ने अपनी 26 साल तक मुंह में रखा जैतून

पश्चिम बंगाल में सालों पहले भाई दूज के दिन एक बहन ने मजाक में अपने भाई से पूछा था कि वो जैतून को अपने मुंह के अंदर कितने समय तक रख सकते हैं। इस पर भाई ने कहा था कि जब तक वो उन्हें निकालने के लिए नहीं कहतीं, वो मुंह में जैतून रखे रहेंगे। इसके बाद बहन ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन भाई आज तक जैतून को अपने मुंह में रख कर रहता है। कछुआ मोड़ के अशोक नगर में रहने वाले जयदेव बिस्वास (68) विद्युत वितरण निगम के पूर्व कर्मचारी हैं। 26 साल पहले भाई दूज के दिन बहन अग्निवीना देवी के कहने पर उन्होंने मुंह के अंदर जैतून रख लिया था और कहा था कि उसके कहने पर ही वो इसे बाहर निकालेंगे।

लेकिन 10 साल पहले अग्निवीना ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद बहन का सम्मान और उस,की याद में जयदेव आज तक जैतून को अपने मुंह में रखे हुए हैं, अग्निवीना जयदेव की सगी बहन नहीं थी, बल्कि पड़ोसी थीं। वह हर साल जयदेव के साथ भाई दूज मनाती थीं। जयदेव भी उन्हें अपनी बहन मानते थे।

अग्निवीना उनके लिए तरह-तरह के खाने बनाती थीं, लेकिन जैतून की चटनी बनाना उन्हें बेहद पसंद था।
1996 में जयदेव ने आखिरी बार अग्निवीना के हाथ की बनी जैतून की चटनी खाई थी। इसी दौरान अग्निवीना ने सवाल किया था कि वह जैतून को कब तक अपने मुंह में रखे रह सकते हैं।

जयदेव ने अग्निवीना से वादा किया था कि जब तक वो खुद जैतून को मुंह से निकालने के लिए नहीं कहेंगी, तब तक वो इसे नहीं निकालेंगे। इसके बाद बीच-बीच में अग्निवीना यह सुनिश्चित भी करती थी कि जैतून अभी भी जयदेव के मुंह में है या नहीं। फिर 24 जनवरी, 2012 को अग्निवीना ने किसी वजह से आत्महत्या कर ली। इसके बाद अपनी बहन की याद को बनाए रखने के लिए जयदेव आजतक जैतून को मुंह में रखते हैं।

मीडिया से बात करते हुए जयदेव ने कहा, “मैं अपनी बहन अग्निवीना की इसी याद के साथ जीवन भर जीना चाहता हूं। मैं खाना खाने के समय, सोते वक्त और यहां तक कि ब्रश करते वक्त भी जैतून को अपने मुंह में रखता हूं।”
उन्होंने कहा कि मुंह में जैतून रखने से शुरुआत में उन्हें थोड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन अब यह उनकी आदत बन गई है।