मेनका गांधी ने कहा – ” मास्क न पहनने वाले मरें हमारी बला से, उनका चालान न करें”

एक तरफ जहाँ कोरोना वायरस से कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है. मरीजों की संख्या 20 लाख से अधिक हो चली है और उत्तर प्रदेश के कई जिलों का हाल बेहाल है. ऐसे में केन्द्रीय मंत्री और सुल्तानपुर से सांसद मेनका गाँधी ने विवादित बयान दे दिया है. इस बयान से मेनका गाँधी ने प्रधानमंत्री के उस अपील को भी दरकिनार कर दिया है जिसमें उन्होंने मास्क पहनने को जरूरी बताया था साथ ही लोग समझ नही पा रहे हैं कि आखिरकार सांसद महोदया उनके भले की बात कर रही हैं या फिर अहित की?

दरअसल चार महीने बाद जब मेनका गाँधी सुल्तानपुर पहुंची तो उन्होंने पुलिस महकमें को साफ़ निर्देश दिया है कि ”ये पूरे देश में है. मुझे मालूम है, उनका काम है नियम बनाना. किसी ने मास्क नहीं पहना है तो वो मरे हमारी बला से. उनसे पैसों की वसूली ना हो.”, ”यह बीमारी कब तक रहेगी मुझे नहीं मालूम. आप लोगों ने बहुत अच्छी तरीके से इसे संभाला है. लेकिन इतना संभालने के बावजूद फैलेगी सो फैलेगी.” उन्होंने सुल्तानपुर एसपी से कहा, ”कोविड पॉजिटिव को घर में सीमित करें, मुख्यमंत्री ने भी कहा है. आज के बाद ऐसा ही होगा. सारी दुकानें बंद हैं, छोटे व्यापारी मर गए हैं इस समय. आप अपने पुलिस को बोलिए और शहर की बैरिकेडिंग हटवा दीजिए.”

सुल्तानपुर पहुंची मेनका गाँधी ने कई घंटे अधिकारियों के साथ बैठक की और चल रही परियोजानों का अवलोकन भी किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि  मैं अब हर 20 दिन पर आऊंगी और दो-दो विभाग को देखूंगी कि उन्होंने क्या किया? उन्होंने लॉकडाउन का हवाला देते हुए कहा कि मैं इस तरह लोगों से जुड़ी रही कि जो-जो लोग बाहर थे उनका ख्याल रखा. जो-जो लोग वापस आ रहे थे उन सबको खाना पहुंचाना, किट पहुंचाना ये सब कराया. मैं कभी एक मिनट के लिए भी सुल्तानपुर से दूर नहीं थी. रोज-रोज मुझे लोग फोन करते हैं, खासकर बिजली की समस्या को लेकर. उसको दूर करवाया. इससे पहले वह तीन दिवसीय दौरे पर 2 मार्च को सुल्तानपुर आई थीं.

वहीँ अब मेनका गाँधी के इस बयान को विवादित माना जा रहा है. कई लोगों ने इस बयान पर सरकार को घेरने की कोशिश भी की कि एक सांसद इस तरह का बयान कैसे दे सकता है ? सांसद की इन बातों से लोग आहत भी हुए और अचंभित भी हैं कि श्रीमती गांधी उनके हित में बात कर रही है या उनका अहित चाह रही हैं।