बिहार के शिक्षक ने लौटाया 23 लाख का वेतन, कहा- पढ़ने वाला कोई नहीं तो सैलरी किस बात की?

बिहार के मुजफ्फरपुर के नीतीशवार कॉलेज में हिंदी के शिक्षक ललन कुमार ने अपना 33 महीने का वेतन विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए कोई छात्र नहीं होने के कारण लौटा दिया। उन्होंने कहा, “अगर मैं पांच साल तक बिना पढ़ाए वेतन लेता हूं, तो यह मेरे लिए अकादमिक मौत होगी।”

उन्होंने एक सीधा सा तर्क दिया कि अगर पढ़ने वाला कोई नहीं है, तो वेतन किस बात के लिए?

वे छात्रों के कक्षाओं में कभी नहीं आने पर आहत हैं। साथ ही उन्होंने मंगलवार को बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के रजिस्ट्रार को 23 लाख का चेक दिया।

मीडिया से बात करते हुए ललन ने कहा, ‘मेरी अंतरात्मा मुझे बिना पढ़ाए सैलरी नहीं लेने देती।

उन्होंने आगे कहा, “ऑनलाइन कक्षाओं (महामारी के दौरान) के दौरान भी, हिंदी कक्षाओं के लिए कुछ ही छात्र मौजूद थे। अगर मैं पांच साल तक बिना पढ़ाए वेतन लेता हूं, तो यह मेरे लिए अकादमिक मौत होगी। ”