लड़कियाँ इसे अब्बू कहकर इज्जत देती थी, वही “घिनौने” काम के लिए करता था उन्हें…

कुछ समय पहले भोपाल में एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था, तब कई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था. तब ये खबर सामने आई थी कि इस घटना के सामने आने के बाद जाँच में कई बड़े लोग इसमें फंस सकते हैं लेकिन मामला कुछ ही समय में कहाँ गायब हो गया किसी को पता ही नही चला.. नतीजा ये हुआ कि अब उससे भी बड़ा मामला सामने आया है.

दरअसल भोपाल में एक ऐसे रैकेट का खुलासा हुआ है जहाँ गरीब बच्चियों को अपनी जाल में फंसा कर उन्हें रसूखदार लोगों के सामने परोसा जाता था. इसका मुख्य आरोपी खुद को एक अख़बार चलाने वाला पत्रकार बताता है और नाम है प्यारे मियां. पूछताछ में पता चला है कि ये बच्चियां मियाँ साहब को अब्बू कहकर बुलाती थी और ये अब्बू रसूखदार लोगों के सामने परोसने से पहले बच्चियों का खुद यौन शोषण करता था. हालाँकि आरोप है कि पुलिस ने पहले इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की और मुख्य आरोपी प्यारे मियां को भागने का वक्त भी दिया लेकिन बाल आयोग की टीम ने जब बच्चियों से पूछताछ की तो पूरा मामला साफ़ हो गया.

कई रसूखदार आ सकते हैं शिकंजे में 

वहीँ सोमवार को उस घर से छापेमारी के दौरान अय्याशी के सामान मिले, प्यारे मियां अपने एक फ्लैट में डांस बार चलाता था. वहीं, खुलासे के बाद कई सफेदपोशों के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं , जो पत्रकार प्यारे मियां के महफिल में आते थे. आपको बता दें कि परिवरिश के नाम पर जिन लड़कियों का प्यारे मियां शोषण करता था, वे उसे अब्बू कह कर बुलाती थी. बच्चियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि प्यारे मियां उन्हीं लड़कियों की आबरू से खेलता था और दूसरी जगह भी भेजता था जो उन्हें अब्बू कहकर बुलाती थी.  पूछताछ के दौरान एक लड़की ने बताया कि अब्बू लड़कियों को लेकर विदेश यात्रा भी करते थे. वह दुबई, सिंगापुर और थाईलैंड का दौरा किया है. वह 7-8 साल से ऐसी गतिविधियों में शामिल है.

खुलासे के बाद खुली पुलिस की नींद 

राजबाला आयोग की सदस्य अमिता जैन ने बताया कि गौरवी सेंटर में पीड़ित लड़कियों से बातचीत की गई है. लड़कियों ने जो बातें बताई हैं उससे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस ईमानदारी से काम करती तो आरोपी गिरफ्तार हो जाता. उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन आरोपी प्यारे मियां अपनी कार से लड़कियों के पीछे- पीछे आ रहा था. जब पुलिस ने लड़कियों को पकड़ा उस दौरान प्यारे मियां ने पुलिस से बातचीत करते हुए दबाव बनाया. इसके बाद वो बच्चियों को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन भी पहुँच गया, पुलिस को अपनी पत्रकारिता का रौब भी दिखाने लगा. हालाँकि कहा जा रहा है कि ये साफ़ होने के बाद भी कि प्यारे लाल इन बच्चियों के साथ गलत हरकत करवाता था तो भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार नही किया, लिहाजा वो इस लॉकडाउन में भी प्रदेश को छोड़कर भाग निकला.

खुलासा होने के बाद पुलिस ने प्यारे मियाँ के अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर

हालाँकि मामले का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस की नींद टूट और उसने भगोड़े प्यारे लाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया, पुलिस को सूचना मिली थी कि वो श्री नगर गया हुआ है इसके बाद पुलिस ने श्रीनगर पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया है. हालाँकि खबर लिखे जाने तक श्री नगर पुलिस की तरफ कोई अधिकारिक पुष्टि नही की गयी है.

पुलिस की मिलीभगत पर भी है शक 

वहीँ अब बाल आयोग ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को यह बात पता था कि प्यारे मियां ने लड़कियों के साथ गलत काम किया है. इसके बावजूद भी पुलिस ने उसे जाने दिया. आयोग के सदस्य बृजेश चौहान ने बताया कि पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसलिए अब पुलिस की भूमिका की जांच के लिए डीजीपी को शिकायत की जाएगी. यह मामला काफी बड़ा है और इसमें कई लोग शामिल है. पुलिस को निष्पक्ष जांच करना चाहिए. बाल आयोग अब लड़कियों को काउंसलर उपलब्ध कराएगी.

आपको बता दें कि ये मामला पुलिस के संज्ञान में तब आया था जब दो लड़कियां शराब के नशे में रास्ता भूलकर रात में भटक गयी थी. शराब के नशे में होने के कारण उन्हें थाने लाया गया. इसके बाद मामला प्रकाश में आया और अब ये मामला पिछले सेक्स रैकेट के स्कैंडल को पीछे छोड़ सकता है. वहीँ सवाल तो पुलिस पर खड़े हो रहे है कि जिस प्रदेश की बच्चियां मुख्यमंत्री को मामा कहती हो उस प्रदेश में 10 सालों से एक व्यक्ति नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म करता और करवाता आ रहा है और पुलिस को खबर ही नही है?