स्वामी के इस बयान से कि ‘राजीव गांधी होते तो पहले ही बन चुका होता राममंदिर’ खिल सकते हैं कांग्रेसी चेहरे !

5 अगस्त को अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है. इसके लिए अभी से ही भव्य तैयारियां चल रही है. मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी अयोध्या आने वाले हैं. इस बीच बीजेपी नेता और सांसद सुब्रमण्य़म स्वामी के एक बयान से केन्द्रीय नेतृत्व हिल गया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने बयान में कहा है कि राममंदिर निर्माण में प्रधानमंत्री मोदी का कोई योगदान नही है. इतना ही नही उन्होंने कहा कि अगर राजीव गांधी दोबारा प्रधानमंत्री बनते तो राममंदिर अब तक बन चुका होता.

बीजेपी सांसद सुब्रमण्य़म स्वामी

राम मंदिर निर्माण में प्रधानमंत्री मोदी का कोई योगदान नही

लंबे कानूनी दांव-पेज के बाद राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है. अयोध्या में 5 अगस्त को राममंदिर निर्माण के लिए होने जा रहे भूमिपूजन की तैयारिय़ां जोरों पर हैं. इस बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है.

उन्होंने कहा कि ‘’राम मदिंर निर्माण में प्रधानमंत्री का कोई योगदान नही हैं. सारी बहस हमने की है. जहां तक मैं जानता हूं सरकार की तरफ से उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसके बारे में कहा जा सके कि उनकी वजह से निर्णय आया है.’’

अब तक बन गया होता राममंदिर

सुब्रमण्यम स्वामी बीजेपी से ही सांसद है लेकिन वह बेबाक राय और बयान के लिए जाने जाते हैं. यही कारण है कि वह पार्टी की गलतियों को भी गिनाने से नही चूकते. हालांकि कभी-कभी उनके इन बयानों से कांग्रेस को बड़ा मुद्दा मिल जाता है. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी अगर दोबारा पीएम बनते तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अब तक हो चुका होता. राजीव गांधी ने तो विवादित स्थल का ताला भी खुलवा दिया था. उन्होंने राममंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम की अनुमति भी दे दी थी लेकिन उनके असामयिक मृत्यु से सारी चीजें बदल गईं.

वाजपेयी ने भी अड़ंगा डाला

सुब्रमण्यम यहीं नही रुके उन्होंने कहा कि ‘’वाजपेयी ने भी इसमें अड़ंगा डाला था. यह बात उन्हें खुद अशोक सिंहल ने बताई थी. स्वामी ने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए काम किया उनमें राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और अशोक सिंहल जैसे लोग शामिल हैं.’’

भाजपा नेता ने कहा कि राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के लिए संबंधित फाइल प्रधानमंत्री की टेबल पर पिछले 5 साल से पड़ी है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक इसमें हस्ताक्षर नही किए है. स्वामी ने कहा मुझे बुरा लगता है कि हमारी पार्टी की सरकार होने के बावजूद हमें कोर्ट जाना पड़ता है.

पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव

बता दें कि लोकमत की एक रिपोर्ट मे दावा किया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे एक नेता ने खुलासा किया था कि 1992 में बाबरी मस्जिद गिराये जाने से पहले ही राव अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराना चाहते थे. इसके लिए जरुरी कार्य योजना भी तैयार कर ली गई थी. लेकिन मठों के शंकराचार्यों और पीठाधीशों के बीच मतभेद के चलते यह योजना सफल नही हो सकी. हालांकि राम मंदिर आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम विश्व हिंन्दू परिषद् के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल ने किया था.