उधर कृषि बिल पर विरोध हुआ इधर प्रधानमंत्री मोदी ने 11 करोड़ किसानों के मोबाइल पर भेजा यह संदेश !

नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष ने संसद में जबरदस्त हंगामा किया था जिसको लेकर 8 राज्यसभा सांसदों को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है. उधर इस हंगामें और विरोध के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देश के करीब 11 करोड़ किसानों के मोबाइल पर एक खास संदेश भेजा है. दरअसल यह संदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ा हुआ है. इसमें रबी की फसल 2020-21 के लिए घोषित एमएसपी का पूरा ब्यौरा दिया गया है. इस संदेश में बताया गया है कि पहले किसी उपज का दाम कितना था औऱ अब कितना हो गया है.

प्रधानमंत्री मोदी
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प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के मोबाइल पर भेजा संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों के मोबाइल पर भेजे गए संदेश के लेकर कृषि अधिकारियों का कहना है कि सरकार दवारा किसानों को सीधे उनके मोबाइल पर मैसेज भेजने से किसान थोड़ा नरम पड़ेगा और विपक्ष की कोशिश के बावजूद पीएम मोदी की इमेज किसान विरोधी नही बनेगी. दरअसल विपक्षी दलों के सांसद और किसान संगठन कह रहे हैं कि कृषि कानून की वजह से किसानों को एमएसपी नही मिल पाएगा. इसी बात को लेकर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 25 सितंबर को भारत बंद बुलाया है. इन घटनाक्रम के मद्देनजर मोदी सरकार किसानों को संदेश भेज कर यह जताने की कोशिश कर रही है कि केन्द्र की सरकार किसान विरोधी नही है.

संदेश में कृषिमंत्री ने क्या कहा

किसानों को भेजे गए संदेश में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया है कि सरकार ने रबी 2020-21 के लिए MSP  घोषित कर दी है. इसमें गेहूं का समर्थन मूल्य 50 रुपए बढ़ाकर 1975, जौ का 75 रुपये से बढ़ाकर 1600, चने का 225 रुपए से बढ़ाकर 5100 प्रति क्विंटल किया गया है. इसी तरह से मसूर का एमएसपी 300 रुपए से बढ़ाकर 5100, सरसों का 225 रुपए बढ़ाकर 4650 तथा सैफ्लावर में 112 की वृद्धि कर 5327 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी
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इन सबके अलावा सरकार ने 2021-22 में किस फसल की कितनी लागत आई यह भी बताया है. सरकार ने बताया है कि प्रति क्विंटल गेहूं पैदा करने में किसान की लागत 960 रुपए,जौ में 971, चना में 2866, मसूर में 2864, सरसों  2415 और सैफ्लावर में 3551 रुपए की लागत आती है. इस तरह सबसे अधिक 106 फीसदी की वृद्धि गेहूं के रेट की गई है.

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