चीन की चालबाजियों पर आया अमेरिका को गुस्सा, चेतावनी देते हुए कही ये बात

लद्दाख सीमा पर बने गतिरोध को लेकर भारत और चीन के बीच कई महीनों से विवाद बना हुआ है। ऐसे में भारत का साथी देश अमेरिका ने इस मामले में प्रतिक्रिया देकर चीन की परेशानी बढ़ा दी है। बता दें कि अमेरिका ने चीन के कारनामों को देखते हुए उसे चेताया है कि पड़ोसी देशों के साथ उलझना बंद कर दे नहीं तो बीजिंग के खिलाफ खड़ा होना ही एक मात्र रास्ता बचेगा। चीन पर आरोप लगाते हुए अमेरिका ने ये भी कहा कि, बीजिंग अपने पड़ोसियों और बाकी देशों से लगातार बहुत ही आक्रामक तरीके से उलझने की कोशिश कर रहा है।

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भारत के साथ सीमा विवाद पर सख्त रूख अपनाते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चीन को लेकर कहा कि, हम इसकी गहन निगरानी कर रहे हैं और शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। जैसा कि कई अवसरों पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था कि बीजिंग अपने पड़ोसियों और बाकी देशों से लगातार बहुत ही आक्रामक तरीके से उलझने की कोशिश कर रहा है।

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अमेरिका यही नहीं रुका, जारी किए गए बयान में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ताइवान स्ट्रेट से शिनजियांग, साउथ चाइना सी से हिमालय तक, साइबर स्पेस से लेकर इंटल ऑर्गनाइजेशन तक, हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ काम कर रहे हैं, जो अपने ही लोगों को दबाना चाहती है और अपने पड़ोसियों को धमकाना चाहती है। केवल इन उकसावों को रोकने का एक तरीका है, बीजिंग के खिलाफ खड़ा होना।

आपको बता दें कि 29 अगस्त से अब तक चीन ने तीन बार एलएसी पर घुसपैठ की कोशिश की है। लेकिन हर बार भारतीय जवानों ने चीन को करारा जवाब दिया। बता दें कि पहली बार चीन के जवानों ने 29-30 अगस्त की रात पैंन्गॉग इलाके में हिमाकत की और उन्हें करारा जवाब मिला। दूसरी बार 31 अगस्त की रात भी चीनी सेना ने हेलमेट टॉप पर गुस्ताखी दिखाई, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।

इसके बाद 1 सितंबर को चीनी सेना के जवान अपने चेपुजी कैंप से आगे बढ़ना चाहते थे। तभी भारतीय खेमे में इसकी भनक लग गई। जैसे ही चीन की नजर हिन्दुस्तान की तैयारियों पर पड़ी, उसे बैकफुट पर जाना पड़ा। सेना की मुस्तैदी की वजह से चीनी सैनिक अपने कैंप में लौट गए। बता दें कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन का चालबाजी को हर बार भारतीय सेना के जवानों ने नाकाम कर दिया है। चार दिन के अंदर चीन ने तीन बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारत के तेवर देख चीनी सैनिकों को दबे पांव लौटना पड़ा। इस वजह से एलएसी पर हालात तनावपूर्ण है। चीन की इस चालबाजी पर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है।

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ताजा हालात की बात करें तो लद्दाख सीमा पर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लद्दाख में LAC पर भारतीय सेना ने अपने टैंकों को महत्वपूर्ण इलाकों में तैनात किया। चुशूल और डेमचोक से चीन के हमले की आशंका के बाद ये तैनाती की गई है। चीन की सेना के टैंकों के आगे बढ़ने के बाद भारत ने ये तैनाती की है। पैंगोंग झील पर भारत की स्थिति मजबूत है। भारतीय सेना सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आक्रामक रुख बनाए रखेगी। पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे यानी ब्लैक टॉप पर अब भारतीय सैनिक तैनात हैंं। 29-30 अगस्त की रात चीन के सैनिक ब्लैक टॉप पर कब्जा करने की कोशिश में थे लेकिन भारतीय सैनिकों ने पीछे खदेड़ दिया। ब्लैक टॉप पोस्ट पर पहले से ही मौजूद चीन के कैमरे और सर्विलांस सिस्टम को उखाड़ फेंका।