आगरा से अपहृत की गई बस इटावा में मिली, हाथ लगे बड़े सुराग !

आगरा के मलपुरा दक्षिणी बाईपास स्थित रायभा टोल प्लाजा के पास हाईजेक हुई बस इटावा में मिली है. बताया जा रहा है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. गुरुग्राम से पन्ना जा रही कल्पना बस ट्रैवल्स का बड़े ही नाटकीय ढंग से अपरहरण कर लिया गया था. पहले खबरें थी कि बस झांसी में है हालांकि अब इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने पुष्टि की है कि बस को बलरई थाना पुलिस ने बरामद किया है. पुलिस अब भी बस अपहरणकर्ताओं की तलाश कर रही है. बस के ड्राइवर और कंडक्टर के मुताबिक अपहरण करने वाले श्रीराम फाइनेंस के कर्मचारी हैं औऱ बस का बकाया किस्त न चुकाने के बात कह कर बस को अपने साथ ले गए. उस समय बस मे 34 सवारी भी मौजूद थीं.

बस को आगरा से किया गया था हाइजेक

गुरुग्राम से चलकर पन्ना जा रही एक बस का आगरा मे बड़े ही नाटकीय ढंग से अपहरण कर लिया गया. बस ग्वालियर के कल्पना ट्रेवल्स की है. इस बस में 34 सवारियां थी. बुधवार सुबह आगरा के पास कुछ लोगों ने बस का पीछा कर इसे रुकवाया और अपने कब्जे में ले लिया.

बस चालक रमेश के अनुसार बदमाश दो कार स आए थे. एक जायलो कार थी जिसका नंबर D/12 AC-2286  बताया जा रहा है जबकि दूसरे कार की जानकारी नही हैं. चालक ने बताया कि कार में बैठाते समय उन लोगों ने मारपीट भी की.

फाइनेंस कर्मियों ने बस को कब्जे में लिया था

मध्यप्रदेश के पन्ना जा रही बस को आगरा में श्रीराम फाइनेंस के कर्मचारियों ने रोका औऱ कुबेरपुर तक ये लोग ड्राइवर और कंडक्टर को साथ ले गए. इसके बाद इन्हें उतार कर 34 सवारियों से भरी बस अपने साथ ले गए. पुलिस को सूचना मिलने के बाद सुबह से पुलिस बस की तलाश कर रही थी लेकिन अब जाकर इटावा से बस मिलने की पुष्टि हुई है. इस बीच बस के ड्राइवर औऱ कंडक्टर से पूरी जानकारी लेकर पुलिस अपहरण करने वाले लोगों की तलाश कर रही है.

यूपी गृह-मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की

इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए यूपी के गृह-मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की है. सरकार की तरफ  जारी बयान में कहा गया है कि बस को अगवा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि श्रीराम फाइनेंस के लोगों ने गलत ढंग से कर्ज वसूली के लिए इस वारदात को अंजाम दिया. उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई की जायेगी.

यात्रियों ने एसएसपी को घटना के बारे में क्या बताया

आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने घटना के बारे में यात्रियों से बात की है. उन्होंने बताया कि रात के सवा दो बजे बस ने जैसे ही इटावा टोल क्रास किया, पीछे से आए कुछ लोगों ने उसे रोक लिया. उन्होंने यात्रियों को बताया कि वह फाइनेंस कर्मी हैं. उन्होंने बस और परिचालक को खाना खिलाया. दोनों को 300-300 रुपये दिए और फिर उन्हें छोड़ दिया. वह बस को गंतव्य तक ले जाने की बात कह कर अपने साथ ले गए. इस बीच कहा जा रहा है कि बस मालिक का मंगलवार को निधन हो गया था. वह बस का किश्त भी नही चुका पा रहा था.