अग्निपथ योजना: गलत सूचना फैलाने और हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने कई कोचिंग संचालकों को किया गिरफ्तार

जबसे केंद्र सरकार ने तीनों सशस्त्र बलों में 17.5 से 21 वर्ष की आयु के उम्मीदवारों की चार साल की अवधि की भर्ती के लिए ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की है तबसे पूरा देश तथाकथित उम्मीदवारों द्वारा की जाने वाली अभूतपूर्व हिंसा और बर्बरता देख रहा है।

बिहार राज्य के प्रभावशाली Youtubers और कोचिंग संस्थान गलत सूचना फैलाकर और विरोध में उम्मीदवारों को सड़क पर उतरने के लिए उकसाकर अशांति और अराजकता की आग में ईंधन डाल रहे हैं।

इससे पहले पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने दानापुर रेलवे स्टेशन और दीदारगंज टोल प्लाजा में हिंसा से जुड़े 86 युवकों को गिरफ्तार किया है। 7 कोचिंग संस्थानों के संचालक भी जिला प्रशासन के रडार पर हैं। हमने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है। अगर जरूरत पड़ी तो हम पटना में इंटरनेट सेवाएं बंद करने में भी संकोच नहीं करेंगे।

अलीगढ़ पुलिस ने केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ जिले में हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में कल करीब 80 लोगों को हिरासत में लिया था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नैथानी ने कहा कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के बाद से, कोचिंग संस्थानों के नौ संचालकों सहित 35 लोगों को हिंसा में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था।

“जिले में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में भारतीय दंड संहिता के गंभीर आरोपों के तहत चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एसएसपी नैथानी ने कहा कि इनमें से दो प्राथमिकी पुलिस कर्मियों की शिकायत पर दर्ज की गई है, एक यूपी रोडवेज द्वारा और दूसरी एक नागरिक द्वारा।