कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लिए आगे आये 30 हजार से ज्यादा लोग! जानिये इसके पीछे की वजह

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तहलका मचा चुका है. इससे बचने के लिए लोग तरह तरह के नुस्खे अपना रहे हैं. हालाँकि अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू नही पाया जा सकता और ना ही कोई वैक्सीन अभी तक बन पायी है. कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन बनाने का काम तेजी से चल रहा है लेकिन अभी तक कामयाबी हाथ नही लग सकी है. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लिए तीस हजार लोग आगे आये हैं. इसके पीछे की वजह जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर !

वैक्सीन के ट्रायल के लिए आगे आये तीस हजार लोग 

दरअसल एक संस्था ने एक अभियान शुरू किया है जिसके तरह खुद लोग अपने आप को कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लिए तैयार हैं ताकि कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन बनाने में मदद मिल सके. वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस अनोखे कैंपेन को शुरू करने वाली संस्था का नाम 1 डे सूनर है. ये संस्था अपनी वेबसाइट के जरिये दुनिया भर से वॉलेंटियर्स बनने के लिए आवेदन स्वीकार कर रही है. अब तक इस संस्था के जरिये 30 हजार से अधिक लोग खुद को कोरोना से संक्रमित होने के लिए तैयार हो चुके हैं ताकि कोरोना वायरस के वैक्सीन का परीक्षण हो सके.

ऐसी जानकारी सामने आई है कि कोरोना वायरस के वैक्सीन के परीक्षण के लिए किसी व्यक्ति को संक्रमित नही किया जाता है बल्कि कोरोना वैक्सीन के लिए तैयार किया टीका उन्हें लगाया जाता है और फिर ये देखा जाता है कि उनके शरीर में क्या बदलाव आ रहे हैं या फिर उनके संक्रमित होने का इन्तजार किया जाता है. इसके बाद वैक्सीन का शरीर पर क्या प्रतिक्रिया होती है ये देखा जाता है. इस प्रोसेस में काफी वक्त लग जाता है.

समय बचाने के लिए लोगों को संक्रमित करना जरूरी- संस्था 

ऐसे में 1 डे सूनर नाम की ये संस्था वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के लिए लोगों को संक्रमित करने के पक्ष में है. उसका कहना है ऐसा करने से वैक्सीन का परीक्षण जल्दी हो जाएगा और लाखो लोगों की जान बचाई जा सकती है. हालाँकि जानकारी के मुताबिक कोई भी देश अभी तक परीक्षण के लिए किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना से संक्रमित करने के पक्ष में नही है, लेकिन ये संस्था इस दिशा में काम कर रही है. संस्था का मानना है कि स्वयं जो लोग अपना नाम रजिस्टर करवा रहे हैं उनपर ये ट्रायल किया जाये ताकि कोरोना की वैक्सीन को जल्दी बनने में मदद मिल सके.

दुनिया भर के लगभग सभी बड़े वैज्ञानिक, डॉक्टर, यूनिवर्सिटी और दवा बनाने वाली कंपनियां कोरोना की वैक्सीन को खोने के लिए दिन रात काम कर रही हैं लेकिन अभी तक कहीं से भी कामयाबी हाथ नही लगी है. ऐसे में कोरोना से बचने के लिए लोगों को बचाव ही करना पड़ रहा है.