नूपुर शर्मा को इस्लामवादियों से बचाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे 18 लाख नागा साधु

पातालपुरी मठ के प्रमुख महंत बालक दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दास ने कहा है कि “अगर इस्लामवादी भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, तो साधु समाज चुपचाप बैठकर शो नहीं देखेगा। उनकी रक्षा के लिए 18 लाख नागा साधु-संत सड़कों पर उतरेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो 11 जून को काशी में धर्म परिषद में शूट किया गया था। वाराणसी के हर तीर्थ की सुदाम कुटी में धर्म परिषद का आयोजन किया गया। जिसमें महंत बालक दास ने बैठक का नेतृत्व किया। बैठक में काशी के कई मठों, पीठों और अखाड़ों के मुख्य पुजारी और धर्मगुरुओं के साथ-साथ कई अन्य हिंदू संतों ने भाग लिया।

सभा के दौरान दास ने कहा कि, “अब यह नियंत्रण से बाहर है, दिन-ब-दिन अराजकता बढ़ती जा रही है। हद कर दी भाई लोगों ने। भगवान शिव का मजाक बनाया जा रहा है। शिवलिंग को फव्वारा बताया गया है। इसके बाद भी सनातन धर्म के लोग चैन से बैठे हैं।

दास ने आगे कहा,“हम चुपचाप बैठकर अपनी बेटी को बलात्कार और हत्या की धमकी देते हुए नहीं देख सकते हैं, अब हद हो गई है, भारत की एक बेटी ने भगवान शिव पर अपमानजनक टिप्पणी सुनकर वही कहा जो उसके (मुसलमान) कुरान में लिखा है। हम सभी ने पूरे देश में विरोध देखा है जिसमें ये मौलवी मस्जिदों से लोगों को बुला रहे हैं कि पत्थर फेंके और अराजकता फैलाए लेकिन उसके बाद भी सनातनी लोग शांति से व्यवहार कर रहे हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए दास ने मामले पर अपनी भविष्य की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट संकेत दिया और कहा, “अगर चीजें गलत होती हैं, तो नागा साधु नूपुर शर्मा के बचाव में सड़कों पर उतरेंगे। हमारी बेटी को रेप और मर्डर की धमकियां मिल रही हैं, अगर उसके साथ कुछ भी अनहोनी हो गई तो अपने दिमाग में ये बात रख लेना कि ये साधु संत समाज चुप नहीं बैठेगा। 18 लाख नागा साधु पूरे संत समाज के साथ सड़क पर आएंगे तो आप उस दृश्य की कल्पना भी नहीं कर सकते।

विवाद की शुरुआत से ही कई हिंदू संतों ने काशी में धर्म परिषद में नूपुर शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। आरोपियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”नूपुर शर्मा को धमकी देने वालों को पकड़कर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। ”

इतना ही नहीं, उन्होंने 10 जून, 2022 को जुमे की नमाज के दौरान देश के कई हिस्सों में हुई हिंसा की भी निंदा की। हिंदू गुरुओं ने इस्लामवादियों को चेतावनी दी है कि वे भी सड़कों पर लड़ेंगे। 10 जून, 2022 को काशी में आयोजित धर्म परिषद में कुल मिलाकर ऐसे 16 प्रस्ताव पारित किए गए।