17 विपक्षी दल राष्ट्रपति चुनाव के लिए उतारेंगे संयुक्त उम्मीदवार

विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ घोषणा की कि 17 विपक्षी दल आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक संयुक्त उम्मीदवार को मैदान में उतारने पर सहमत हुए हैं। जो 18 जुलाई को होने जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,“राष्ट्रपति चुनाव का खाका पहले से ही तैयार है और हमने केवल आम सहमति से उम्मीदवार चुनने का फैसला किया है, हर कोई एक-दूसरे से परामर्श करते हुए उस विशेष उम्मीदवार को अपना पूरा समर्थन देने जा रहा है। मेरे हिसाब से यह एक अच्छी शुरुआत है। ”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने एक उम्मीदवार के रूप में अपना नाम रखने के लिए बैठक के बाद विपक्षी नेताओं को धन्यवाद दिया। हालांकि, दिग्गज नेता ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

शरद पवार ने ट्वीट किया, दिल्ली में हुई बैठक में भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए एक उम्मीदवार के रूप में मेरा नाम सुझाने के लिए मैं विपक्षी दलों के नेताओं की तहे दिल से सराहना करता हूं। हालांकि मैं यह बताना चाहता हूं कि मैंने अपनी उम्मीदवारी के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया है। मुझे आम आदमी की भलाई के लिए अपनी सेवा जारी रखने में खुशी हो रही है।

टीएमसी नेता ने सभी विपक्षी दलों को राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक संयुक्त उम्मीदवार पर फैसला करने के लिए निमंत्रण भेजा है। जिसमें सोलह विपक्षी दलों ने बैठक में भाग लिया और चार ने इसमें भाग नहीं लिया।

बैठक राष्ट्रीय राजधानी में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में निर्धारित थी, जिसमें आम आदमी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, शिरोमणि अकाली दल आदि बैठक से बाहर रहे।

बैठक में शामिल होने वालों में राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा के साथ एडी सिंह, शिवसेना से प्रियंका चतुर्वेदी और सुभाष देसाई, जनता दल के एचडी कुमारस्वामी और एचडी देवेगौड़ा, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के टीआर बालू और नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हैं।

बैठक के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश और रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार और प्रफुल पटेल, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती मौजूद थीं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, राष्ट्रीय लोक दल और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी बैठक में भाग लिया।