स्वप्ना सुरेश ने सीपीआईएम के मंत्रियों पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाब बनाने का आरोप लगाया

केरल के सोने की तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने पूर्व सीपीआईएम मंत्रियों पर यौन संबंध बनाने की पेशकश का आरोप लगाया है। स्वप्ना ने कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन, देवस्वम बोर्ड के पूर्व मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने यौन संबंध बनाने के लिए मुझसे संपर्क किया। उन्होंने फोन पर अनैतिक व्यवहार किया है। ऐसे पदों पर बैठे लोग राज्य पर शासन कर रहे हैं। स्वप्ना ने कहा कि तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. थॉमस इसाक द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया गया था। ऐसे लोग दयनीय, कुंठित और बेईमान हैं।

स्वप्ना ने कहा कि मेरे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं लेकिन मैंने कभी अनुचित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया। मैंने एक रेखा खींची, मैं उन पर चिल्लाई, मैंने उन्हें चेतावनी दी। मेरा कोई एजेंडा या इरादा नहीं था। अगर मेरा कोई इरादा होता, तो मैं निश्चित रूप से सबूतों का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल कर सकती थी। क्योंकि मेरे पास हर सबूत हैं, व्हाट्सएप चैट, फोन पर बातचीत। उनमें से कुछ अभी भी जांच एजेंसियों के पास हैं। वे कभी नहीं कह सकते कि उन्होंने ये सब नहीं किया है। मेरा कोई एजेंडा नहीं था, इसलिए मैंने इसका इस्तेमाल नहीं किया।

हम उम्मीद करते हैं कि इस तरह के लोग जिम्मेदारी से व्यवहार करेंगे। क्योंकि हम महिलाएं, छोटे बच्चे, लड़कियां उन पर निर्भर हैं। जब कोई उनसे किसी चीज के लिए संपर्क करता है, अगर वे इस तरह से व्यवहार कर रहे हैं, तो यह बहुत चौंकाने वाला है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरन और विपक्ष के नेता वी डी सतीसन दोनों ने राज्य सरकार को पहले माकपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने की चुनौती दी।

सतीसन ने कहा, माकपा और केंद्रीय भाजपा नेतृत्व ने कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए एक समझौता किया है। सुधाकरन ने कहा कि सीपीएम नेताओं के खिलाफ स्वप्ना के आरोप गंभीर लगते हैं और पुलिस को पूर्व मंत्रियों और पूर्व स्पीकर के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए।