आसमान से बरपा कहर, जानिए कैसे एक ही दिन में 110 लोगों की हो गई मौत

बिहार औऱ उत्तरप्रदेश में गुरुवार का दिन झकझोर कर रख देने वाला था. यहां आसमान से कुदरत का कहर ऐसा बरपा कि लोगों का दिल कांप उठा. खबर के अनुसार  दोनों राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही दिन में करीब 110 लोगों की मौत हो गई. बिजली गिरने के समय अधिकतर लोग खेतों में काम कर रहे थे.आइए जानते हैं क्या है पूरी खबर.

आकाशीय बिजली गिरने से 110 लोगों की मौत

गुरूवार यानि कि 25 जून को बिहार और उत्तरप्रदेश से ऐसी खबर आई कि यकीन करना मुश्किल हो जायेगा. यहां आकाशीय बिजली गिरने से एक ही दिन में करीब 110 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है जब बिजली गिरी तो अधिकतर लोग खेतों में काम कर रहे थे.

भारी बारिश औऱ आकाशीय बिजली गिरने से बिहार में 83 जबकि उत्तरप्रदेश में 24 लोगों की जान गई है. करीब 20 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा 13 लोगों की मौत बिहार के गोपालगंज में हुई हैं . इसके अलावा नवादा औऱ मधुबनी में 8-8, सीवान और भागलपुर में 6-6, पूर्वी चंपारण, दरभंगा एवं बांका में 5-5, खगाड़िया एवं औरंगाबाद में 3-3, और अन्य जिलों को मिलाकर 21 लोगों की मौत हुई है.

वहीं उत्तरप्रदेश की बात करें तो सबसे ज्यादा 9 मौतें देवरिया जिले में हुई हैं . इसके अलावा प्रयागराज जिले में 6 जबकि अन्य जिलों में 10 लोग मौत के मुंह में समा गये. प्रधानमंत्री पीएम मोदी सहित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा –

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की है.

वैसे तो बिजली हर मानसून में लोगों के लिए खतरा बन कर आती है लेकिन इस बार इसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे एक ही दिन में आकाश से इतनी बड़ी आफत आ सकती है  जब अलग- अलग जगहों पर खेतों पर काम कर रहे लोग अपनी जान से हांथ धो बैठे. आंधी-तूफान और बाढ़ आने के खतरे को पहले से आंका जा सकता है लेकिन इस दैवीय आपदा को पहले से आंकना मुश्किल है. ऐसे में ऐहतियाती उपाय ही इससे बचने का कारगर तरीका है.

क्या सावधानी बरतनी चाहिए-

बारिश और आंधी के बीच छतरी या किसी धातु की बनी हुई चीज का प्रयोग न करें. इसके जरिए बिजली शरीर के अंदर आसानी से प्रवेश कर सकती है.

बादल गरजते समय अगर आपके रोंगटे खड़े होते हैं तो समझिये कि बिजली गिरने वाली है इस स्थिति में जमीन में बैठ कर दोनों हाथों को घुटने पर रखें और सिर को दोनों घुटनों के बीच में रख लें.

बिजली गिरने के तुरंत बाद घर से न निकलें. यह दूसरी बार भी गिर सकती है , अधिकांश मौतें तूफान निकलने के बाद बिजली गिरने से होती हैं.

बिजली गिरने से क्या क्या हो सकता है

बिजली जहां से शरीर में प्रवेश करती है औऱ जहां से निकलती है जैसे कि तलवा, वह स्थान जल जाता है ऐसे स्थान को पहचान कर प्राथमिक उपचार देना चाहिए.

बिजली गिरने से सुनाई या दिखाई देना बंद हो जाता है. इसके अलावा हड्डियां भी टूट सकती हैं

अगर किसी पर बिजली गिरी है तो उसको छूने से कुछ नही होगा, यह ध्यान में रखना चाहिए.