प्रधानमंत्री मोदी रखेंगे राम मंदिर का पहला ईंट, भूमि पूजन पर रोक कि याचिका खारिज

जब श्री राम जी ने लंकापति रावण का वध किया था तब लक्ष्मण ने उनसे पूछा था कि आप ने तो ये सोने की लंका जीती है, क्यों ना आप यहां के राजा बन जाएं ? तब मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी ने कहा था –

अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते।
                    जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥  

अर्थात- हे लक्ष्मण! सोने की लंका भी मुझे अच्छी नहीं लगती है। माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़ कर हैं॥

5 August को रखा जाएगा पहला ईंट

रामनगरी अयोध्या में करीब पांच सौ वर्ष से भगवान श्रीराम के मंदिर बनने की बेसब्री हर घड़ी लोगों में थी जो आखिरकार 5 अगस्त को पूर्ण होने जा रही है। मंदिर की पहली ईंट स्वम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। साथ ही यह पहला मौका होगा जब नरेंद्र मोदी अयोध्या आएंगे। प्रधानमंत्री पांच अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजकर दस मिनट तक अयोध्या में रहेंगे, इस दौरान वे भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ वहां मौजूद  संत समुदाय को संबोधित भी करेंगे।

इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री के अलावा कई प्रमुख संतों व नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है जिनमे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, उमा भारती, आदि शामिल हैं।

Source: Bhaskar.com

भूमि पूजन का मुहूर्त

भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इसी कारण नींव पूजन भी अभिजीत मुहूर्त में ही होगा। इस मुहूर्त को काशी के प्रकांड विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला है। पांच अगस्त को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट 15 सेकंड के ठीक बाद के 32 सेकेंड अहम होंगे। इन्हीं 32 सेकेंड के भीतर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर की पहली ईंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी जाएगी। यह ईंट 35 से 40 किलोग्राम चांदी की होगी।

भूमि पूजन पर रोक की याचिका खारिज

प्रस्तावित भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली के पत्रकार साकेत गोखले ने Allahabad High Court मे एक याचिका दाखिल की थी जिसमे उन्होने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाला भूमि पूजन Covid-19 के Unlock- 2 की गाइडलाइन का उल्लंघन है, किन्तु इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आशंका आधारहीन है।