धरती के स्वर्ग में रेलवे ठप्प , हर दिन लाखों का नुकसान

अपनी खूबसूरती के लिए धरती के स्वर्ग नाम से फेमस जम्मू कश्मीर में पिछले 1 साल में 8 महीने रेल सेवा रुकी रही और आज भी ठप्प है, वैसे जम्मू कश्मीर के लिए यह कोई नई बात नहीं है वहाँ आए दिन ही ट्रेन सेवा बंद रहती है। पिछले साल आर्टिकल 370 हटाए जाने के वक्त तीन महीने रेल सेवा ठप रही और फिर कोरोना के चलते इस साल मार्च से रेल सेवा बंद है जो अभी तक शुरू नहीं हुई है।

ट्रेन सेवा बंद होने के कारण रेलवे को हर दिन 3 लाख रु का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी ओर रेलवे में काम करने वाले 3800 से ज्यादा कर्मचारियों को घर बैठे 8 महीने में 150 करोड़ रु सैलरी मिल चुकी है और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।

2017 में उस समय के रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने घाटी में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कहा था कि यहां ‘विस्टाडोम’ कोच चलाए जाएंगे लेकिन इनका दूर-दूर तक कोई अता पता नहीं है, वहीं समान्य ट्रेनें भी बंद पड़ी है, जम्मू कश्मीर में रेल्वे का काम 3 चरणों में होना था जोकि अभी भी अधुरा है।

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया कि पिछले साल धारा 370 हट ने के बाद जब घाटी में कर्फ्यू लगा था तो रेल सेवाएं में बंद कर दी गई थी और अभी फिलहाल कोरोना महामारी को देखते हुए रेल सेवा बंद है। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के अनुसार 1 दिन भी अगर घाटी में रेल सेवा बंद रहती है तो लगभग तीन लाख का नुकसान होता है और यहां तो पिछले कई महीनों से रेल ठप्प पड़ी है।